लखनऊ: किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था में राजस्व विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। राजस्व विभाग ही राज्य को आर्थिक ताकत देता रहता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस विभाग में तीन ताकतवर महिलाओं को प्रमुख पद सौंपे हैं। महिला आईएएस अधिकारियों की यह त्रिमूर्ति यूपी को संपन्न बनाने में जुटी है। इनमें से एक महिला अधिकारी 60 साल की, दूसरी 51 और तीसरी 49 साल की हैं। खास बात यह भी है कि यूपी कैडर की इन तीन महिला आईएएस में से दो आंध्र प्रदेश की मूल निवासी हैं।
अर्चना अग्रवाल राजस्व परिषद की अध्यक्ष बनीं
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं को महत्वपूर्ण पद देकर उनकी क्षमता पर भरोसा जताया है। सरकार ने राजस्व विभाग में सरकार ने सीनियर आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को यूपी के राजस्व परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया है। राजस्व विभाग में आईएएस अपर्णा यू पहले से प्रमुख सचिव पद पर हैं। इसके अलावा राजस्व परिषद में सचिव और आयुक्त स्तर का जिम्मा आईएएस कंचन वर्मा के पास पहले से है।
सन 1990 के बैच की आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की अध्यक्ष के रूप में तैनात हैं। अब उन्हें उन्हें राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष का महत्वपूर्ण पद दिया गया है। सन 1966 में जन्मीं अर्चना अग्रवाल आंध्र प्रदेश की मूल निवासी हैं। एमए और एमबीए की डिग्रीधारी अर्चना अग्रवाल पूर्व में सुल्तानपुर और अयोध्या जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं।
अनुभवी अर्चना अग्रवाल को मिला अहम जिम्मा
अर्चना अग्रवाल वर्ष 2009-10 में उत्तर प्रदेश की ट्रांसपोर्ट कमिश्नर भी रह चुकी हैं। 16 फरवरी 2016 से 16 अक्टूबर 2025 तक नौ साल से अधिक समय तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर रहीं। केंद्र से यूपी में वापसी के बाद उन्हें 24 अक्टूबर 2025 को यूपी के परिवहन विभाग में अपर मुख्य सचिव और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब वे राजस्व परिषद की अध्यक्ष बनाई गई हैं। उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई है।
अपर्णा यू राजस्व विभाग कीं प्रमुख सचिव
सन 2001 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी अपर्णा यू को इसी साल जनवरी में प्रमुख सचिव राजस्व बनाया गया था। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के हैदराबाद की निवासी अपर्णा यू का जन्म 10 नवंबर 1975 को हुआ था। उन्होंने एलएलबी की डिग्री ली है। उन्होंने अब तक विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है। वे पूर्व में चिकित्सा शिक्षा विभाग में सचिव और महानिदेशक, यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की प्रबंध निदेशक, बेसिक शिक्षा विभाग में सचिव और सिंचाई विभाग में सचिव के पद संभाल चुकी हैं। अपर्णा यू आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर भी तैनात रही हैं।
कंचन वर्मा राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव
इसके अलावा 2005 बैच की आईएएस अधिकारी कंचन वर्मा राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वे 16 सितंबर, 2025 से इस पद पर कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा में 3 सितंबर, 1977 को जन्मीं कंचन वर्मा ने बीएड और समाजशास्त्र में एमए की डिग्री प्राप्त की है। कंचन वर्मा को सीतापुर जिले में 19 अगस्त 2007 को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात किया गया था। उन्हें 26 अगस्त 2008 को नोएडा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया गया था। सन 2009 में उन्हें बलरामपुर जिले का कलेक्टर बनाया गया। इसके बाद वे 2 मई 2010 को भदोही जिले की कलेक्टर बनाई गईं। उनकी 2 जुलाई 2011 को श्रावस्ती जिले में तैनाती हुई।
कंचन वर्मा को साल 2014 में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम का विशेष सचिव बनाया गया था। सन 2016 में उन्हें चार विभागों का विशेष सचिव बनाया गया। इसी साल उनको मिर्जापुर जिले का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया। इसके बाद उनको स्कूल शिक्षा विभाग में महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
योगी सरकार का महिला अफसरों पर भरोसा
उत्तर प्रदेश का राजस्व विभाग भूमि, राजस्व प्रशासन, भू-अभिलेख, अधिग्रहण और संबंधित नीतिगत मामलों का एक प्रमुख विभाग है। यूपी की राजस्व परिषद की प्रशासनिक संचालन और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों के निवारण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
योगी सरकार ने अब राजस्व प्रशासन के शीर्ष पदों पर महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मा देकर उनकी प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया है। इस तरह सरकार ने महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किया है।










