गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों ट्रिपल तोहफा दिया है। मानदेय में 8000 रुपए की वृद्धि के साथ कैशलेस इलाज की सुविधा दी और अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को 5 लाख से 10 लाख रुपए तक की जीवन बीमा कवर देने का ऐलान किया है।
गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कई शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के डमी चेक सौंपकर इसकी शुरुआत की। उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि बैंकों से समन्वय कर जल्द ही जीवन बीमा कवर देने की व्यवस्था करने को कहा है।
सीएम ने अफसरों को निर्देश दिया कि सभी शिक्षामित्रों का बैंक खाता खुलवाया जाए, जिससे मानदेय सीधे ट्रांसफर किया जा सके। सीएम ने ये बातें मंगलवार को गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षा मित्र सम्मान समारोह में कहीं। उन्होंने कुछ शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक तौर पर बढ़े मानदेय के चेक भी भेंट किए।
विवाहित महिला शिक्षामित्रों को म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों को उनके जिले और नजदीकी विद्यालय में तैनाती देने की व्यवस्था की है। खासकर विवाहित महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के निकट विद्यालय में म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर ‘अरुणोदय’ का विमोचन किया।
‘ट्रेड यूनियन वाली सोच त्यागे’
योगी ने शिक्षामित्रों का आह्वान किया कि ट्रेड यूनियन वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षक या शिक्षामित्र केवल मांगों पर अड़े रहेंगे, नकारात्मक सोच रखेंगे तो न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र को क्षति पहुंचाएंगे।
हमारा नेचर ट्रेड यूनियन जैसा नहीं हो सकता। पहले देश, फिर हम। सकारात्मक भाव के साथ कार्य करने वाले ही अच्छी पीढ़ी तैयार कर सकते हैं। सरकार सकारात्मक सोच के साथ आपके साथ है, इसलिए नकारात्मक भाव बिल्कुल नहीं आने चाहिए। वर्षों से चली आ रही आपकी मांग को सरकार ने संवाद व सहयोग के माध्यम से हल किया, न कि टकराव के रास्ते से।










