लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने बड़े-बड़े विकसित राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। कभी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए पहचाने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे तेज एंबुलेंस सेवा देने वाला अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और ‘अंत्योदय’ के संकल्प का ही परिणाम है कि प्रदेश की 102 एंबुलेंस सेवा का औसत रिस्पांस टाइम अब घटकर मात्र 7:06 मिनट रह गया है, जो पूरे भारत में सबसे कम और प्रभावी है।
यह भी पढ़े- ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प के साथ यूपी के आध्यात्मिक वैभव को नई ऊंचाई देंगे सीएम योगी
2017 से पहले का अंधकार और आज का उजाला
वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भयावह थी। उस दौर में गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल पहुँचना किसी चुनौती से कम नहीं था। एंबुलेंस को फोन करने के घंटों बाद भी मदद नहीं मिलती थी, जिसके कारण अक्सर महिलाएं रास्ते में ही दम तोड़ देती थीं या उन्हें मजबूरन असुरक्षित तरीके से घरों में प्रसव कराना पड़ता था। सड़कों की खस्ताहाली और एंबुलेंस के नाम पर खड़ी ‘खटारा’ गाड़ियों ने स्वास्थ्य तंत्र को वेंटिलेटर पर ला दिया था।
यह भी पढ़े- योगी सरकार की जनसुनवाई का बड़ा असर, IGRS की रिपोर्ट में रामपुर बना नंबर वन
आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब गर्भवती महिलाओं को न तो एंबुलेंस के लिए इंतजार करना पड़ता है और न ही किसी सिफारिश की जरूरत होती है। मात्र एक कॉल पर 7 मिनट के भीतर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस उनके घर पहुँचती है। बेहतर सड़कों और हर जिले में मजबूत हुए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर ने जच्चा-बच्चा के जीवन को सुरक्षा का ‘कवच’ प्रदान किया है।
आधुनिक तकनीक और बेड़े का विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनीटरिंग शुरू की। उन्होंने एंबुलेंस सेवा की सुस्ती को खत्म करने के लिए पुराने और कंडम हो चुके वाहनों को सेवा से बाहर करने का कड़ा निर्णय लिया। सरकार ने पिछले नौ वर्षों में निरंतर निवेश करते हुए 2,228 से अधिक पुरानी एंबुलेंसों को बदला और उनकी जगह नई तकनीक व जीवन रक्षक उपकरणों से लैस गाड़ियां तैनात कीं। वर्तमान में प्रदेश भर में 2,270 एंबुलेंस का विशाल बेड़ा 24 घंटे सक्रिय है। जहाँ वर्ष 2016 में एंबुलेंस आने में औसतन 11 मिनट से ज्यादा का समय लगता था, वहीं आज मुख्यमंत्री की कड़ी निगरानी के कारण यह समय लगभग आधा रह गया है।
यह भी पढ़े- योगी कैबिनेट का हुआ विस्तार, बीजेपी ने ऐसे साधा सामाजिक समीकरण
देश में सबसे सटीक रिस्पांस: जनसंख्या में सबसे बड़े, सेवा में सबसे आगे
हैरानी की बात यह है कि 25.74 करोड़ की विशाल जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश ने रिस्पांस टाइम में राजस्थान और केरल जैसे राज्यों को भी पछाड़ दिया है। राजस्थान में जहाँ एंबुलेंस पहुँचने में करीब 8 मिनट और केरल में 10 मिनट से ज्यादा का समय लगता है, वहीं यूपी ने 7:06 मिनट का रिकॉर्ड सेट किया है। इस तत्परता का सीधा लाभ मातृ मृत्यु दर में आई भारी गिरावट के रूप में दिख रहा है। 2015-17 के दौरान जहाँ मातृ मृत्यु अनुपात 216 प्रति लाख था, वह अब गिरकर मात्र 141 रह गया है।
यह भी पढ़े- योगी कैबिनेट का हुआ विस्तार, बीजेपी ने ऐसे साधा सामाजिक समीकरण
रोजाना 40 हजार से अधिक परिवारों को राहत
आज प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 40,500 से अधिक गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को इस सेवा के माध्यम से निशुल्क और त्वरित सहायता मिल रही है। शहरी इलाकों से लेकर सुदूर गांवों तक फैली यह सेवा योगी सरकार की संवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में भी व्यवस्थाओं को वैश्विक स्तर का बनाया जा सकता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहाँ ‘जीवन की रक्षा’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।










