मलिहाबाद (लखनऊ)। लखनऊ के मलीहाबाद अंतर्गत कसमंडी कलां गांव में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर और राजा कंस के किले की मुक्ति के लिए पासी समाज द्वारा एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस ऐतिहासिक परिसर में अवैध अतिक्रमण कर नमाज पढ़ने और उसे मजार व मस्जिद का रूप दिए जाने को लेकर स्थानीय पासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक आधिकारिक पत्र भेजकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

सूरज पासी ने यह भी कहा है कि लाखन आर्मी अब गांव-गांव जाकर अपने समाज के लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।
इतिहास और साक्ष्यों का हवाला देते हुए लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि इस पूरे क्षेत्र के गौरवशाली शासक राजा कंस थे, जिनका प्रामाणिक उल्लेख प्राचीन ऐतिहासिक दस्तावेजों में भी दर्ज है।
राजा कंस बहुत बड़े शिवभक्त थे और उन्होंने ही भगवान शिव की विशेष आराधना के लिए इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। सूरज पासी के मुताबिक, वर्तमान में जिस विवादित स्थल पर सीमेंटेड मजार बनी हुई है, वहां की प्राचीन और जर्जर दीवारों पर आज भी सनातन धर्म के पवित्र प्रतीक चिह्न जैसे नाग, कलश, कमल के फूल और अन्य धार्मिक चित्र स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, जो इस बात का अकाट्य प्रमाण हैं कि यह स्थान राजा कंस का किला और शिव मंदिर ही है।
पासी समाज का मुख्य आरोप है कि पिछले कुछ समय से मुस्लिम समाज के कुछ लोग सुनियोजित तरीके से हर जुम्मे (शुक्रवार) के दिन यहां आकर भारी संख्या में नमाज अदा कर रहे हैं और इस प्राचीन धरोहर को जबरन मस्जिद व मजार बताकर इस पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

लाखन आर्मी ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इस ऐतिहासिक स्थल की गहन जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और राज्य पुरातत्व निदेशालय से कराने की मांग की है।










