लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा में बच्चों के बीच अंतर को दूर करने के लिए ‘कैच-अप शिक्षण अभियान’ को और तेज करने जा रही है. 31 जुलाई तक सभी सरकारी विद्यालयों, बीआरसी, बीएसए कार्यालयों और डायट में कैच-अप शिक्षण, निपुण लक्ष्य तथा कक्षा शिक्षण की प्रभावी प्रथाओं से संबंधित आईईसी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी.
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं. अभियान के तहत 15 सूत्रीय रणनीति तैयार की गई है, जिसमें अधिगम स्तर से पीछे बच्चों की पहचान, स्तरानुसार समूह बनाकर शिक्षण, गतिविधि आधारित पढ़ाई, टीएलएम का उपयोग, नियमित अभ्यास और सतत मूल्यांकन शामिल है.
निपुण लक्ष्य और रीडिंग कैंपेन को मिलेगा बढ़ावा
‘निपुण लक्ष्य’ के तहत बालवाटिका से कक्षा 5 तक भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और अंग्रेजी के स्पष्ट अधिगम मानक तय किए गए हैं. साथ ही कक्षा शिक्षण की 10 प्रभावी प्रथाओं और रीडिंग कैंपेन को भी प्रोत्साहन मिलेगा.
उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. कैच-अप शिक्षण अभियान को नई गति देने के लिए योगी सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है. इसका उद्देश्य उन बच्चों को मुख्यधारा में लाना है जो विभिन्न कारणों से पढ़ाई में पीछे छूट गए हैं.
क्या है आईईसी सामग्री?
महानिदेशक मोनिका रानी के निर्देशों के अनुसार 31 जुलाई तक पूरे प्रदेश में आईईसी सामग्री प्रदर्शित कर दी जाएगी. इससे शिक्षकों को दैनिक कक्षा शिक्षण के लिए स्पष्ट दिशा मिलेगी. आईईसी सामग्री (IEC Material) का अर्थ सूचना, शिक्षा और संचार (Information, Education and Communication) सामग्री से है. इसका उपयोग बच्चों को जागरूक करने, सही जानकारी देने और उनकी सोच या व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया जाता है.
15 सूत्रीय रणनीति में विशेष रूप से छात्रों के बीच सीखने के अंतर को दूर करने पर जोर दिया गया है. अभिभावकों की भागीदारी और बच्चों की प्रगति की निरंतर निगरानी को भी रणनीति का हिस्सा बनाया गया है.
बच्चों के बीच सीखने की क्षमता के मानक स्पष्ट किए जाएंगे
‘निपुण लक्ष्य’ पोस्टरों के माध्यम से हर कक्षा के बच्चों के बीच सीखने की क्षमता के मानक स्पष्ट किए जाएंगे. कक्षा शिक्षण की 10 प्रभावी प्रथाओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी, गतिविधि आधारित शिक्षण, खुले प्रश्न, लेखन अभ्यास और सहयोगात्मक अधिगम शामिल हैं. रीडिंग कैंपेन के तहत स्कूलों में रीडिंग कॉर्नर, कहानी वाचन और पुस्तक चर्चा को बढ़ावा दिया जाएगा.
यह अभियान पूरे प्रदेश में समान शैक्षणिक कार्य संस्कृति विकसित करने में मददगार साबित होगा. योगी सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा अपनी कक्षा के अनुरूप अधिगम स्तर हासिल कर सके.












