नई दिल्ली : दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में अगर करोड़ों की कीमत का आशियाना आप नहीं बना पा रहे हैं तो आपके लिए ये गुड न्यूज है. एनसीआर की सीमा पर अलीगढ़ और मथुरा के बीच ऐसे भव्य हेरिटेज सिटी बनाई जा रही है, जहां आप सपनों का घर बना सकते हैं. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) इस राया हेरिटेज सिटी (Raya Heritage City) को बसा रही है. ये प्रोजेक्ट यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे मथुरा (राया कट) पर बसाया जा रहा है. अलीगढ़ बॉर्डर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेहद नजदीक है. ताजमहल का दीदार करना भी आसान होगा.
753 एकड़ में बसेगी राया हेरिटेज सिटी
इससे ब्रज क्षेत्र मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन में करोड़ों श्रद्धालुओं और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. राया हेरिटेज सिटी लगभग 753 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी. इसकी खर्च करीब 7200 करोड़ रुपये है. ये राया अर्बन सेंटर के विशाल 11653 हेक्टेयर मास्टर प्लान का अहम हिस्सा है.उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर YEIDA ने DPR और यमुना के पानी को लेकर बाढ़ सुरक्षा जांच रिपोर्ट दे दी है. जिला प्रशासन की मदद से राया और आसपास के गांवों की जमीनों को चिन्हित कर भूमि अधिग्रहण तेज किया जाएगा.
- 7200 करोड़ रुपये खर्च होंगे इस सिटी पर
- 40 मिनट की दूरी नोएडा एयरपोर्ट से
- 100 फीट ऊंची कृष्ण की भव्य प्रतिमा लगेगी
- 30 किमी लंबा साबरमती रिवरफ्रंट जैसे यमुना किनारे
यमुना एक्सप्रेसवे किनारे और नोएडा एयरपोर्ट के पास
यह यमुना एक्सप्रेसवे के राया कट के पास है. अलीगढ़ के इगलास-राया मार्ग से ये कुछ किलोमीटर दूर है. इससे अलीगढ़ और मथुरा को बड़ा फायदा मिलेगा. नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से मात्र 40-45 मिनट की दूरी पर होगा. पहले ये टाउनशिप पीपीपी मॉडल पर बनी थी, लेकिन YEIDA अब खुद जमीन खरीदकर आवासीय और कमर्शियल सेक्टर्स विकसित करेगा. थीम पार्क और कल्चरल सेंटर को प्राइवेट सेक्टर की मदद से बनाया जाएगा.
राया हेरिटेज सिटी में क्या-क्या होगा
- 350 एकड़ के हेरिटेज सेंटर में भगवान कृष्ण के जीवन, महाभारत और भागवत पुराण
- 103 एकड़ में योग, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र प्रस्तावित
- 97 एकड़ में ग्रीन पार्क और सांस्कृतिक क्षेत्र बनेगा
- 42 एकड़ में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा
- 45 एकड़ होटल और कमर्शियल हब के लिए
हेरिटेज सिटी में राधा-कृष्ण की लीला
ये पूरी हेरिटेज सिटी भगवान कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं पर तैयार की जा रही है. यहां भगवान कृष्ण की 100 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा होगी. थीम जोन होंगे, जो द्वापर युग के ब्रज के गांवों का अहसास देंगे. यहां गीता के उपदेशों के लिए 12 कथावाचक के लिए भव्य मंच बनाए जाएंगे.
हेरिटेज सिटी के पास करीब 1393 हेक्टेयर में एक विशाल ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की भी योजना है. यहां रोजाना 40-50 हजार गाड़ियां पार्क हो सकेंगी. शहर के अंदर प्रदूषण रोकने के लिए लाइट रेल/ट्राम जैसी सुविधा होगी.
साबरती जैसा यमुना रिवरफ्रंट बनेगा
गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर यहां यमुना नदी के किनारे 30 किलोमीटर लंबा शानदार रिवरफ्रंट बनाया जाएगा. पारंपरिक यमुना आरती के लिए खास घाटों के पास नदी को साफ रखने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, वॉकवे और ग्रीन पार्क बनाए जाएंगे.
बांके बिहारी मंदिर से सीधा रास्ता
यमुना एक्सप्रेसवे से उतरकर श्रद्धालुओं को मथुरा-वृंदावन के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. इसके लिए एक्सप्रेसवे से सीधे बांके बिहारी मंदिर को जोड़ने वाली डेढ़ किलोमीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी रोड बनाई जा रही है. 17.5 हेक्टेयर में एक विशाल श्रद्धालु सुविधा केंद्र बनेगा, यहां यात्री आराम कर सकेंगे. इसमें बड़ा फूड कोर्ट, प्रतीक्षालय, हस्तशिल्प मार्केट और दिल्ली एनसीआर समेत देश के दूसरे हिस्सों से आने वाली गाड़ियों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग होगी.
वैदिक विलेज, गुरुकुल और धनवंतरी धाम
भारतीय धर्म, आध्यात्म और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यहां गुरुकुल स्कूल, प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) का धनवंतरी धाम और एक विशाल आर्ट एंड क्राफ्ट म्यूजियम बनेगा. ब्रज के कारीगरों (मथुरा का पेड़ा बनाने वाले और जरी-जरदोजी के कलाकार) के लिए विशेष वैदिक ग्राम बाजार भी तैयार किया जाएगा.
अलीगढ़ और मथुरा को फायदा
अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर उद्योग और कपड़ों के व्यापार को यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए जेवर एयरपोर्ट और ग्लोबल एक्सपोर्ट से जुड़ने का मौका मिलेगा. यहां थ्री और 5-स्टार होटलों का एक बड़ा हब बनेगा. धार्मिक पर्यटन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण स्थानीय युवाओं को गाइड, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, आईटी और रीटेल सेक्टर में रोजगार मिलेंगे.










