अमेठी: राजनीतिक रूप से अमेठी संसदीय क्षेत्र को काफी महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र और सीट माना जाता है. लेकिन इसी महत्वपूर्ण सीट पर कभी कबार अचानक सियासत गर्म होती है और लोक तरह-तरह के प्रयास लगने लगते हैं. उसी तरीके से एक बार फिर अमेठी की राजनीतिक सहगर्मी बढ़ गई है, क्योंकि मैदान में आ गई हैं फिर से 2 साल बाद स्मृति जुबिन ईरानी. 2024 के लोकसभा चुनाव के हार के बाद स्मृति ईरानी एक बार फिर संगठन के कार्यों में सक्रिय नजर आ रही हैं. संगठन के कार्यों के साथ-साथ अमेठी के सुख-दु:ख में शामिल होकर स्मृति ईरानी कार्यकर्ताओं और संगठन में नई जान फूंकने का काम कर रही हैं.
लोकसभा चुनाव में हार के बाद अमेठी में स्मृति ईरानी करीब 2 सालों बाद फिर से संगठन के अलग-अलग कार्यों में सक्रिय हुई हैं. स्मृति ईरानी लगातार कभी वर्चुअल माध्यम से कभी खुद आकर यहां हर जरूरी कार्य में प्रतिभा कर रही हैं, जिनसे उन्होंने पहले दूरी बना ली थी. ऐसे में अब 2027 का विधानसभा चुनाव और 2029 का लोकसभा चुनाव दोनों धीरे-धीरे करीब आ रहा है. स्मृति ईरानी ने वर्चुअल बैठक में एक बार फिर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है. वर्चुअल बैठक में शामिल हुई स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल पर जाकर काम करने के निर्देश दिए हैं. खुद स्मृति ईरानी ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि पार्टी का जो निर्देश होगा, 2029 में उसका पालन किया जाएगा.
कार्यकर्ताओं से करती रहती हैं बात
अमेठी के वरिष्ठ गोविंद सिंह ने कहा कि वे अभी जल्दी में सक्रिय नहीं हुईं, बल्कि वह पहले से ही हमेशा अमेठी के परिवारों की चिंता करती रही हैं. अमेठी के लोगों के सुख-दु:ख में शामिल होते रही हैं, चाहे कार्यकर्ताओं की बात हो, चाहे विकास कार्य हो, हर कार्यकर्ता से उनका लगातार संपर्क रहा. वह लगातार में फोन पर बातचीत करती रहीं, अमेठी का हाल खबर लेती रहीं. उन्होंने अभी हाल ही में बैठक किया. उन्होंने हम सबको बूथ लेवल पर जाकर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने और उन्हें सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने खुद भी कहा है कि वह खुद भी वे बूथ स्तर पर जाएंगी, लोगों से बातचीत करेंगी और जो भी चीज होगी, वह मिलकर करेंगी .
अमेठी के लोगों का साथ देंगी स्मृति ईरानी
वही अमेठी के जानकार और एक वरिष्ठ दिनेश कुमार तिवारी भी बताते हैं कि बैठक में उन्होंने बूथ स्तर पर ग्राम पंचायत स्तर पर संगठन के हर कार्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अपने आपको कोई भी कार्यकर्ता अकेला ना समझे. हर कार्यकर्ता के सुख-दु:ख में वे हमेशा खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि जब जरूरत पड़ेगी, तो वह अमेठी के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेंगी और अमेठी कभी अकेली नहीं रहेगा.












