लखनऊ। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ उन्हें नई तकनीकों में दक्ष बनाने पर तेजी से काम कर रही है। इसमें अब प्रशिक्षण व्यवस्था को सिर्फ पारंपरिक ट्रेड तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि न्यू एज स्किल्स पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इसके तहत रोबोटिक्स, सीएनसी मशीनिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), कंप्यूटर और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। सोमवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने विधानसभा स्थित कार्यालय में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति की बैठक की। इसमें युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा हुई।
प्रदेश में इस समय सरकारी आइटीआइ में करीब 1.29 लाख और निजी आइटीआइ में 2.77 लाख से अधिक युवाओं ने प्रवेश लिया है। युवाओं को बेहतर तकनीकी माहौल देने के लिए टाटा टेक्नोलाजी के सहयोग से प्रदेश के 150 आइटीआइ संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन संस्थानों में अत्याधुनिक मशीनें और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण सीधे उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक हो सके।
मंत्री ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। इस राशि का उपयोग युवाओं को रोजगारपरक और तकनीकी प्रशिक्षण देने में किया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से इंटर कालेज स्तर के विद्यार्थियों को सामान्य पढ़ाई के साथ तकनीकी दक्षता से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि छात्र शुरुआती स्तर से ही रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
प्रदेश में पांच सेंटर आफ इनोवेशन, इंटीग्रेशन एंड इनोवेशन स्थापित किए जा रहे हैं। भविष्य में इन्हें सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। बैठक में रोजगार मेलों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। बताया गया कि प्रशिक्षित युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने के लिए रोजगार मेलों की व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
साथ ही, हर जिले में स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल मैपिंग और सर्वेक्षण कराया जाएगा, ताकि उसी हिसाब से प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा सकें। पारंपरिक और अनौपचारिक रूप से कुशल लोगों को भी प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी और उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में विधायक डॉ. वीर विक्रम सिंह ‘प्रिन्स’, मुक्ता संजीव राजा, डा. एमपी आर्य, ओम कुमार, जय देवी, कैलाश नाथ, डा. आरके वर्मा और अशोक कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।










