गोरखपुर : जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक निजी अस्पताल का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में स्वास्थ्य सुविधा की बेहतरी के लिए बड़े काम हुए हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 12 करोड़ से अधिक लोगों को फ्री में स्वास्थ्य की सुविधा मिल रही है.
“लोगों के परसेप्शन को बदला” : उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं जबकि, पिछली सरकारों में माफिया पैदा किए जाते थे. उन्होंने कहा कि क्वालिटी हेल्थ फैसिलिटी (गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा) आज की आवश्यकता है. इसी के दृष्टिगत वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा के गुणवत्तापूर्ण विस्तार के जरिये सरकार ने प्रदेश के प्रति लोगों के परसेप्शन को बदला है.
“प्रदेश को दिया योजनाओं का उपहार” : उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों और वर्तमान सरकार के बीच सबसे बड़ा अंतर यही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ दिया था. जबकि हमारी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, (एक जिला एक मेडिकल कॉलेज) ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (एक जिला एक उत्पाद) और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ (एक जिला एक व्यंजन) जैसी योजनाओं का उपहार प्रदेश को दिया है. इन योजनाओं से प्रदेश के प्रति धारणा बदलने, नई और मजबूत पहचान बनाने में मदद मिली है.
पांच लाख रुपये तक के इलाज की मुफ्त सुविधा : मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र का उन्नयन सरकार की प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में समूचे विश्व की सबसे बड़ी स्कीम आयुष्मान भारत संचालित हो रही है. इस स्कीम में जो तबके छूट गए, उन्हें यूपी सरकार ने राज्य स्तर पर कवर किया. इस योजना में लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मुफ्त मिलती है. सीएम योगी ने बताया कि इसके अलावा जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए प्रति वर्ष वह 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देते हैं.
“हर जिले में मेडिकल कॉलेज की सौगात” : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है. बिना भेदभाव सबको सुरक्षा, सम्मान और शासन की सुविधाओं का लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है. पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में एकमात्र गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज था, जो 2017 के पूर्व खुद ही बीमार था. वास्तव में बीआरडी मेडिकल कॉलेज बीमार नहीं था बल्कि तत्कालीन सरकारों की मानसिकता बीमार थी जिन्होंने यहां की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया था.
“गोरखपुर में एम्स की भी सुविधा” : उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए कुछ भी नहीं किया था. उन्होंने बताया कि आज बीआरडी मेडिकल कॉलेज बेहतरीन तरीके से संचालित हो रहा है तो गोरखपुर में एम्स की भी सुविधा मिल रही है. सीएम ने कहा कि गोरखपुर के अलावा महाराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, आजमगढ़, गाजीपुर, रायबरेली, अमेठी, मिर्जापुर, चंदौली में मेडिकल कॉलेज बन गए हैं. इन मेडिकल कॉलेज में क्लास के साथ हॉस्पिटल भी बेहतरीन तरीके से चल रहे हैं. बलिया में भी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिल चुकी है.
“दो दर्जन से अधिक अस्पतालों में आईसीयू की सुविधा” : उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल ऐसे हैं जहां आईसीयू की सुविधा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि 2007 में गोरखनाथ हॉस्पिटल में 10 बेड के साथ पहली बार आईसीयू की सुविधा शुरू हुई थी. ब्लड सेपरेटर मशीन और डायलिसिस मशीन भी पहली बार गोरखनाथ हॉस्पिटल में ही लगाई गई. आज निजी के साथ ही सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं.












