नई दिल्ली। सोने की बढ़ती कीमतों के बीच वो लोग ज्यादा फायदे में हैं जिन्होंने मोदी सरकार की गोल्ड स्कीम में निवेश किया होगा। मोदी सरकार की ये स्कीम सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) है। जिन निवेशकों ने साल 2019 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया था उन्हें अब बड़ा तोहफा मिलने वाला है।
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2019-20 सीरीज-II के समय से पहले (प्री-मैच्योर) रिडेम्प्शन के लिए ₹14,199 प्रति ग्राम का रिडेम्प्शन प्राइस तय किया है। इस कीमत पर निवेशकों को हर ग्राम पर ₹10,000 से ज्यादा का मुनाफा मिल रहा है। यह कीमत उन निवेशकों पर लागू होगी, जो 16 जुलाई 2026 को अपने बॉन्ड रिडीम कराना चाहते हैं।
क्या है मामला?
मोदी सरकार की इस योजना के तहत, निवेशक अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को तय 8 साल की मैच्योरिटी से पहले, जारी होने की तारीख से पांच साल पूरे होने पर रिडीम कर सकते हैं, बशर्ते रिडेम्पशन की तारीख ब्याज भुगतान की तारीख हो। रिडेम्पशन की कीमत, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा पिछले तीन कामकाजी दिनों के लिए पब्लिश की गई 999 शुद्धता वाले सोने की क्लोजिंग कीमत के साधारण औसत का इस्तेमाल करके तय की जाती है। इस बार 13, 14 और 15 जुलाई 2026 के भाव के आधार पर यह कीमत तय की गई है। RBI ने रिडेम्पशन की कीमत ₹14,199 प्रति ग्राम तय की है।
दरअसल, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जुलाई 2019 में जारी हुआ था। ऑनलाइन आवेदन कर डिजिटल भुगतान करने वाले निवेशकों को ₹3393 प्रति ग्राम की दर से बॉन्ड मिला था जबकि अन्य निवेशकों के लिए इसकी कीमत ₹3443 प्रति ग्राम थी। अब ₹14,199 प्रति ग्राम के रिडेम्प्शन प्राइस पर ऑनलाइन निवेशकों को प्रति ग्राम ₹10,806 का लाभ मिलेगा, जो करीब 318.5% का रिटर्न है।
वहीं, ऑफलाइन निवेशकों को प्रति ग्राम ₹10,756 यानी लगभग 312.4% का रिटर्न मिलेगा। इसमें बॉन्ड पर मिलने वाला 2.5% सालाना ब्याज शामिल नहीं है। यह ब्याज हर छह महीने में निवेशकों के बैंक खाते में जमा किया जाता है।
रकम के हिसाब से समझें
उदाहरण के लिए, जिस निवेशक ने जारी होने के समय ऑनलाइन तरीके से इस किश्त में लगभग ₹1 लाख का निवेश किया था उसे समय से पहले रिडेम्पशन (पैसे वापस लेने) पर लगभग ₹4.18 लाख मिलेंगे। इसमें पिछले पांच वर्षों में मिले ब्याज को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों में मिला 2.5% सालाना ब्याज अलग से मिलेगा, जिससे कुल रिटर्न और भी आकर्षक हो जाता है।
टैक्स का गणित समझें
1 अप्रैल 2026 से लागू नए टैक्स नियमों के अनुसार यदि कोई निवेशक पांच साल बाद समय से पहले बॉन्ड रिडीम करता है, तो उस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। टैक्स में पूरी छूट केवल उन मूल निवेशकों को मिलेगी, जो अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को पूरे 8 साल की मैच्योरिटी तक होल्ड करेंगे।












