पटना : बीपीएससी (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के विवादित बयान के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) ने बड़ा फैसला लिया है. बयान के चंद घंटे के भीतर अधिकारी को सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया है.
बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने संज्ञान लिया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से बात की और निलंबित करने का निर्देश दिया. सीएम ने सामान्य प्रशासन विभाग को निलंबित करने का निर्देश दिया है.
खेद प्रकट कर चुके हैं परीक्षा नियंत्रक
सम्राट चौधरी ने अधिकारी के बयान पर भले बड़ा एक्शन लिया है लेकिन राजेश कुमार सिंह खेद प्रकट कर चुके हैं. उनका कहना है कि उन्होंने बस लोकोक्ति का इस्तेमाल किया था. इसके बावजूद किसी को ठेस पहुंची है तो वे खेद जताते हैं. हालांकि उनके खेद जताने का असर नहीं हुआ और अब मुख्यमंत्री ने बड़ा कदम उठाया है.
मुख्यमंत्री ने अपने इस कदम से एक बात स्पष्ट कर दी है कि इस तरह के अधिकारियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बता दें कि तेजस्वी यादव सहित प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की ओर से मांग की गई थी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार को माफी मांगनी चाहिए. सोशल मीडिया पर मामला बढ़ता देख तुरंत सीएम ने कड़ा एक्शन लिया है.
परीक्षा नियंत्रक ने क्या कहा है?
दरअसल बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को पीसी की. इसी दौरान उन्होंने यह कह दिया- “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार.” उनके इसी बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगा.
जानकारी हो कि पटना के गर्दनीबाग में छात्र धरना पर बैठे हैं. उनकी कई मांगें हैं. इसी बीच बीपीएससी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी. टीआरई-4 के शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग है कि निगेटिव मार्किंग को हटाया जाए और एक ही परीक्षा हो. बीपीएससी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोमवार (24 अगस्त, 2026) को यह स्पष्ट कर दिया कि इन दोनों चीजों को नहीं हटाया जा सकता है.












