news
Tuesday, June 23, 2026
  • Home
    • Home
    • Special Story
  • Politics
  • Bureaucracy
  • National
    • Delhi
    • Uttar Pradesh
    • Bihar
    • Punjab
  • Buzz
  • Opinion
  • Economy
  • Diplomacy
  • International
  • Curated
news
  • Home
    • Home
    • Special Story
  • Politics
  • Bureaucracy
  • National
    • Delhi
    • Uttar Pradesh
    • Bihar
    • Punjab
  • Buzz
  • Opinion
  • Economy
  • Diplomacy
  • International
  • Curated
No Result
View All Result
news
Home National

रक्षा उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, क्या बदल रही है भारत की वैश्विक हैसियत?

by National Agenda
June 21, 2026
in National, Opinion
0
defense production india
0
SHARES
Share on WhatsappShare on FacebookShare on X

नई दिल्ली। भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर) ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन (डिफेंस प्रोडक्शन) बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में से एक की छवि से आगे बढ़ चुका है. अब भारत तेजी से एक बड़े रक्षा उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है.

रक्षा मंत्रालय (MoD) के मुताबिक, यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के 1.54 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन की तुलना में 15.6 फीसद ज्यादा है. वहीं, वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले इसमें 110 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई है. पिछले एक दशक में स्वदेशी रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है.

यह 2013-14 में 43,746 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इससे रणनीतिक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयासों का असर साफ दिखाई देता है. यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब यूरोप, पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जारी संघर्षों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने यह दिखा दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता कितनी महत्वपूर्ण है.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा उत्पादन का लगभग 76 फीसद हिस्सा रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) यानी सरकारी कंपनियों से बनकर तैयार किया गया है. इन कंपनियों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) जैसी कंपनियां हैं. वहीं निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 24 फीसद रही, जो अब तक का सबसे बड़ा हिस्सा है. निजी कंपनियों ने करीब 42,000 करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन किया.

रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका भारत के रक्षा उद्योग की तस्वीर बदल रही है. ये कंपनियां ड्रोन, मिसाइल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण, तोपखाना प्लेटफॉर्म, एयरोस्पेस पार्ट्स और उन्नत निगरानी प्रणालियों जैसी तकनीकों में अपनी क्षमताएं बढ़ा रही हैं.

घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी का असर रक्षा निर्यात पर भी दिखा है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. भारतीय रक्षा उपकरणों की मांग एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के कई देशों में बढ़ी है.

विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा निर्यात केवल राजस्व बढ़ाने का माध्यम नहीं है. यह रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करता है, भारत के भू-राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाता है और विकासशील देशों के लिए भारत को एक भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार के रूप में स्थापित करता है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को भारत के बढ़ते रक्षा औद्योगिक आधार का प्रमाण बताया है. उन्होंने कहा कि यह सफलता सार्वजनिक क्षेत्र, निजी उद्योग और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किए गए नीतिगत सुधारों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है.

अधिकारियों के मुताबिक, रक्षा उत्पादन में लगातार हो रही वृद्धि यह दिखाती है कि भारत अब जटिल सैन्य प्रणालियों को डिजाइन करने, विकसित करने और उनका निर्माण करने में पहले से कहीं अधिक सक्षम हो गया है. इसके पीछे खरीद प्रक्रियाओं में सुधार, उद्योग की बढ़ती भागीदारी और स्वदेशी तकनीकों में निवेश को प्रमुख कारण माना जा रहा है.

हालांकि ये रिकॉर्ड आंकड़े यह भी बताते हैं कि भारत के सामने अभी कई चुनौतियां बाकी हैं. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा. इस अवधि में वैश्विक हथियार आयात में भारत की हिस्सेदारी 8.2 फीसद रही. केवल यूक्रेन ने भारत से अधिक हथियार आयात किए, जिसकी मुख्य वजह रूस के साथ जारी युद्ध है.

हालांकि भारत की विदेशी हथियारों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हुई है लेकिन सशस्त्र बल अभी भी कई महत्वपूर्ण तकनीकों के लिए विदेशों पर निर्भर हैं. इनमें उन्नत लड़ाकू विमानों के इंजन, एयर डिफेंस सिस्टम, पनडुब्बी तकनीक और कुछ अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं.

SIPRI के आंकड़ों के अनुसार, रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है, हालांकि उसकी हिस्सेदारी लगातार घट रही है. भारत अब फ्रांस, इजराइल और अमेरिका जैसे देशों से भी रक्षा खरीद बढ़ा रहा है, साथ ही घरेलू उत्पादन को भी मजबूत कर रहा है.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की आत्मनिर्भरता की असली परीक्षा उन महत्वपूर्ण तकनीकों में महारत हासिल करने से होगी, जो अभी देश के भीतर विकसित नहीं हो पाई हैं. एयरो-इंजन, प्रोपल्शन सिस्टम, उन्नत सेमीकंडक्टर, अगली पीढ़ी के सेंसर और विशेष सामग्रियों जैसे क्षेत्र में भारत अभी भी विदेशी तकनीक और कंपनियों पर काफी निर्भर है.

इसके बावजूद भारत की रणनीति स्पष्ट है. दशकों तक भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में गिना जाता था. अब वह धीरे-धीरे एक ऐसे रक्षा औद्योगिक ढांचे का निर्माण कर रहा है, जो न केवल अपनी सेनाओं की जरूरतें पूरी कर सके, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा भी कर सके. साथ ही एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने की उसकी महत्वाकांक्षाओं को भी मजबूती दे सके.

हाल के युद्धों और संघर्षों ने भी इस तरह की क्षमता के महत्व को साबित किया है. दुनिया भर के सैन्य रणनीतिकार अब यह मानते हैं कि युद्धक्षेत्र में सफलता केवल आधुनिक हथियारों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि लंबे समय तक उत्पादन बनाए रखने, गोला-बारूद की आपूर्ति बनाए रखने और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने की क्षमता पर भी निर्भर करती है.

ऐसे में भारत का रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं है. यह देश की रणनीतिक सोच में आए बड़े बदलाव का संकेत है. विदेशी निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर, खरीद से उत्पादन की ओर और एक उपभोक्ता देश से वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है.

  • Trending
  • Comments
  • Latest
cm yogi

मेक इन इंडिया को मिलेगी रफ़्तार, लखनऊ में लगेगी देश की अत्याधुनिक गोला-बारूद फैक्टरी

May 6, 2026
cm yogi

आईजीआरएस बना जनता की आवाज, योगी सरकार में शिकायतों का तेज निस्तारण

May 19, 2026
cm yogi

यूपी को अब स्वाद के मामले में मिलेगी नई पहचान, जानिए क्या है ODOC योजना

May 7, 2026
बीमारू राज्य से औद्योगिक क्रांति तक: CM योगी ने कैसे बदली UP की तस्वीर

‘जिम जिहाद’ केस में CM योगी के निर्देश पर बड़ा एक्शन, आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट

May 19, 2026
cm yogi

मेक इन इंडिया को मिलेगी रफ़्तार, लखनऊ में लगेगी देश की अत्याधुनिक गोला-बारूद फैक्टरी

up rera

यूपी रेरा का बड़ा फैसला, अब सिर्फ ₹1000 में होगा फ्लैट ट्रांसफर

cm yogi

1.43 लाख शिक्षामित्रों ट्रिपल तोहफा: सैलरी और कैशलेस इलाज की सुविधा के साथ मिलेगा जीवन बीमा कवर

दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया ‘हीट एक्शन प्लान’, 13 जिलों में तैनात स्पेशल वैन

Rajya Sabha

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर महामुकाबला, किसका कटेगा टिकट और कौन जाएगा संसद?

June 22, 2026
CISF

CGO कॉम्प्लेक्स में बन रहा है CISF का अत्याधुनिक मुख्यालय, अमित शाह करेंगे भूमिपूजन

June 22, 2026
crude oil

भारत ने बढ़ाई रूस और यूएई से तेल खरीद, अमेरिका को दिया झटका

June 22, 2026
आगरा कैलाश मंदिर

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग: आगरा के कैलाश घाट पर साकार होगा शिवधाम का सपना

June 22, 2026

Recent News

Rajya Sabha

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर महामुकाबला, किसका कटेगा टिकट और कौन जाएगा संसद?

June 22, 2026
CISF

CGO कॉम्प्लेक्स में बन रहा है CISF का अत्याधुनिक मुख्यालय, अमित शाह करेंगे भूमिपूजन

June 22, 2026

Categories

  • Bihar
  • Bureaucracy
  • Buzz
  • Delhi
  • Diplomacy
  • Economy
  • International
  • National
  • Opinion
  • Politics
  • Punjab
  • Special Story
  • Uncategory
  • Uttar Pradesh

Site Navigation

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer Policy
  • Terms and Conditions
  • Advertisement
  • Contact Us
news

nationalAgenda is an independent website covering news, politics, sports, culture and everything in between. Get the latest news, reportage, analysis & exclusive information.

Contact Us :- info@nationalagenda.in

© 2025 nationalAgenda - Check out the latest news from India and around the world Era.

No Result
View All Result
  • Home
  • Politics
  • Bureaucracy
  • National
    • Delhi
    • Uttar Pradesh
    • Bihar
    • Punjab
  • Buzz
  • Opinion
  • Economy
  • Diplomacy
  • International
  • Curated

© 2025 nationalAgenda - Check out the latest news from India and around the world Era.