नई दिल्ली। आगरा के प्राचीन एवं प्रसिद्ध कैलाश मंदिर परिसर स्थित घाट के समीप श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति को समर्पित एक भव्य द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक धाम का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी धार्मिक परियोजना के अंतर्गत भगवान शिव के देशभर में स्थित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के स्वरूप एक ही परिसर में स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु एक स्थान पर सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एवं पूजन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस पावन परियोजना का भूमि पूजन आज कैलाश मंदिर के महंत चंद्रकांत महाराज एवं महंत गौरव गिरी महाराज ने पूरे विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न किया। भूमि पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा भगवान शिव का जयघोष करते हुए इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत किया।
महंत गौरव गिरी ने बताया कि परम पूज्य महंत चंद्रकांत गिरी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में निर्मित होने वाला यह धाम विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान सिद्ध होगा जो समय, दूरी अथवा अन्य कारणों से देश के विभिन्न राज्यों में स्थित सभी ज्योतिर्लिंगों की यात्रा नहीं कर पाते हैं। अब वे कैलाश मंदिर परिसर में ही भगवान शिव के सभी ज्योतिर्लिंग स्वरूपों के दर्शन कर अपनी आध्यात्मिक साधना को सशक्त बना सकेंगे।
प्रस्तावित मंदिर दो मंजिला होगा। प्रथम तल पर 12 ज्योतिर्लिंग तथा द्वितीय तल पर अन्यभगवान स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की स्थापना उसके मूल स्वरूप, वास्तुशास्त्र एवं धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को वास्तविक तीर्थ यात्रा जैसा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए ध्यान, जप एवं पूजा-अर्चना की विशेष व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
धर्माचार्यों एवं संत समाज का मानना है कि यह धाम न केवल आगरा बल्कि संपूर्ण ब्रज क्षेत्र एवं उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन परंपराओं से भी गहराई से जुड़ सकेंगे।
इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम मिलने की संभावना है। स्थानीय श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कैलाश मंदिर पहले से ही करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है और अब द्वादश ज्योतिर्लिंग धाम के निर्माण से इसकी धार्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाएगी। यह धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए भी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रेरणास्रोत बनेगा।










