लखनऊ। मैदान में मेधा, उपलब्धि पर सम्मान और प्रतिभा को राष्ट्र सेवा का अवसर इसी मूलमंत्र के साथ उत्तर प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों का परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 2017 के बाद आई सकारात्मक खेल संस्कृति को नए उत्तर प्रदेश की पहचान बताया है. इस नई खेल नीति और बदलते तंत्र का ही परिणाम है कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे जाएंगे.
470 खिलाड़ियों को मिला खाकी का मान
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा कि इसी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए आज उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) एवं 132 आरक्षी (पीएसी) सहित कुल 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे.
2017 से पहले उपेक्षित था खेल कोटा
मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज खिलाड़ियों के लिए खुल रहे सरकारी सेवा के द्वार उस बदलाव की तस्वीर भी हैं, जो उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 के बाद देखी है. इससे पहले खेल कोटा उपेक्षित था और भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश व पहुंच की चर्चा होती थी.
सुरक्षित भविष्य और सीधी भर्ती का मॉडल
मुख्यमंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने खेल प्रतिभाओं को रोजगार व सुरक्षित भविष्य से जोड़ा है. इसी का परिणाम है कि विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री ने सभी चयनित खिलाड़ियों को उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी.
खेल के मैदान से खाकी के सफर की यह शुरुआत सिर्फ नौकरियों की घोषणा भर नहीं है, बल्कि ‘नए यूपी’ की उस बदलती तस्वीर की गवाही है. जहां हुनर को सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती. मैदान पर बहाया गया पसीना जब सरकारी सेवा का सम्मान पाता है, तो हर उस युवा का भरोसा मजबूत होता है.












