पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज एक बहुत महत्वपूर्ण मीटिंग की. इसमें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मीटिंग में सीएम ने कहा कि बिहार को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता से काम करे. कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने जिलावार और थानावार अपराधियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
आदतन अपराधियों पर नजर: सम्राट चौधरी ने अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ाने को कहा. साथ ही आदतन अपराधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया.
डायल-112 को बेहतर बनाने का निर्देश: बिहार में औसत रिस्पांस टाइम करीब 11 मिनट या उससे कम बताया गया है. मुख्यमंत्री ने इसमें और सुधार करने को कहा. उन्होंने डायल-112 को चुस्त और तुरंत रिस्पांस करने वाला बनाने के निर्देश दिए.
सोशल मीडिया पर दो घंटे में प्रतिक्रिया: सीएम ने संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था पर जोर दिया.
साइबर अपराध पर कार्रवाई: साइबर अपराध की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिए.
नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती: सीएम ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया.
आर्थिक अपराध पर कार्रवाई: साथ ही सम्राट चौधरी ने अवैध तरीके से संपत्ति और आर्थिक लाभ अर्जित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.
संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ेगी: सीएम ने अशांति की आशंका वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त, निगरानी और पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए.
दंगा निरोधी दस्ते को मजबूत करने पर जोर: जिला दंगा निरोधी दस्ते के पुनर्गठन और विशेष कार्य बल को आधुनिक बनाने का निर्देश दिए.
महिला पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं: अधिकारियों से सीएम ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा.
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं को स्वच्छ और कदाचार मुक्त कराने तथा गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
अश्लील और द्विअर्थी गानों पर कार्रवाई: कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा.












