लखनऊ। अंबेडकरनगर के गोविंद साहब में शुक्रवार को आयोजित जनसभा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद, कानून व्यवस्था, सरकारी भर्तियों और दंगों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में योग्यता के बजाय भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार हावी था, जबकि वर्तमान सरकार विकास, रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा पिछड़ों और युवाओं की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल में उनके हितों की अनदेखी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता नहीं थी और प्रश्नपत्र खरीदने, घर ले जाकर परीक्षा लिखने तथा गांव-गांव नौकरी बेचने जैसी शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक नौ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरी दे चुकी है।
अब माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
योगी ने कहा कि सपा शासन में बालू, भूमि, वन और पशु माफिया सक्रिय थे। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। सपा के झंडे के सहारे अवैध वसूली और दबंगई होती थी। इससे व्यापारी भय के माहौल में रहते थे। अब सरकार माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अलीगढ़, मथुरा, लखनऊ और कानपुर में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि अब प्रदेश की पहचान ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा’ के रूप में बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिली है। इससे किसानों, कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए महाराजा सुहेलदेव, वीरांगना ऊदा देवी, रानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर, छत्रपति साहूजी महाराज और ज्योतिबा फुले से जुड़े स्थलों के विकास का उल्लेख किया।
धरोहरों को सम्मान दिलाने का कार्य जारी
योगी ने आरोप लगाया कि अयोध्या को सम्मान मिलना, सपा और कांग्रेस को पसंद नहीं है। सपा सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलीं और कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, जबकि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। ऐतिहासिक धरोहरों को सम्मान दिलाने का कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए निशुल्क राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के इलाज, निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी दी। गांवों में सड़क, बिजली और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
स्किलिंग और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर अपॉर्च्युनिटी जोन विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया। इन केंद्रों पर युवाओं को स्किलिंग और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले कोई मुख्यमंत्री गोविंद साहब नहीं आया। नोएडा जाने से जुड़ी पुरानी राजनीतिक मान्यता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुर्सी चली जाए तो भी जनता के बीच जाना जरूरी है। हमारी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण और बिना भेदभाव सभी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।












