लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की डिजिटल तस्वीर बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारंभ लखनऊ में किया है. यह परियोजना राज्य के ग्रामीण और सुदूर इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने और वहां के निवासियों को आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की एक बड़ी पहल है. सरकार का यह प्रयास ‘कनेक्टेड गांव, समृद्ध यूपी’ के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है.
डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार और लक्ष्य
दरअसल, ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट की सुविधा पहुंचाना है. यह परियोजना केवल इंटरनेट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा बहुत व्यापक है. इसके तहत गांवों में एक मजबूत डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो लोगों को घर बैठे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, सार्वजनिक वाई-फाई, आईपीटीवी और ओटीटी जैसी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराएगा. साथ ही, गांवों में सीसीटीवी आधारित सुरक्षा समाधान और मजबूत साइबर सिक्योरिटी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी, जिससे ग्रामीण जीवन और अधिक सुरक्षित एवं तकनीक-सक्षम बन सके.
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल के नए अवसर
इस परियोजना का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ना है. सरकार का लक्ष्य है कि न्याय पंचायत स्तर पर लगभग आठ से दस हजार युवाओं को ‘डिजिटल सेवा प्रदाता’ के रूप में तैयार किया जाए. इस पहल में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का विशेष प्रावधान किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है. युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रहकर फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क और ऑनलाइन वोकेशनल ट्रेनिंग जैसे नए अवसर मिलेंगे. इतना ही नहीं, सरकार डिजिटल उद्यम शुरू करने के इच्छुक युवाओं को पांच लाख रुपये तक का लोन भी उपलब्ध कराएगी. इस पूरी परियोजना के माध्यम से प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है.
भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव
‘प्रोजेक्ट गंगा’ को सफल बनाने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी ‘वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ के बीच इस साल नौ मार्च को एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया था. यह साझीदारी आधुनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को गांवों की गलियों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगी. सरकार का स्पष्ट मानना है कि आने वाले समय की अर्थव्यवस्था डिजिटल कनेक्टिविटी पर ही टिकी होगी. इसलिए, इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाकर, राज्य के विकास की गति को और तेज किया जाएगा. यह योजना न केवल गांवों का कायाकल्प करेगी, बल्कि यूपी को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी.










