लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में सड़क सुरक्षा से संबंधित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी. इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए थे. उन्होंने परिवहन विभाग और परिवहन निगम के शासन स्तर के आला अधिकारियों को भी खुद फील्ड पर उतरकर सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की बात कही थी. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सड़कों पर कहीं भी अवैध रूप से रोडवेज बसों के खड़े किए जाने पर सख्त नाराजगी जताई थी.
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जारी किए निर्देश: उन्होंने कहा था कि मुख्य सड़कों या चौराहों पर कहीं पर भी बसें न खड़ी की जाएं. सभी बसों को अनिवार्य रूप से बस अड्डे के अंदर ही व्यवस्थित तरीके से खड़ा किया जाए. मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद गुरुवार को उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह एक्शन में नजर आए.
ड्राइवर्स का हेल्थ चेकअप होगा: एमडी प्रभु एन सिंह ने निगम के सभी चालकों और परिचालकों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी दशा में कोई भी रोडवेज बस सड़क पर अवैध रूप से न खड़ी की जाए. सभी बसें निर्धारित बस स्टेशन परिसर के अन्दर ही खड़ी की जाएं और वहीं से यात्रियों को बसों में सुरक्षित तरीके से बिठाया और उतारा जाए. एमडी प्रभु नारायण सिंह ने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी बस स्टेशनों की आवश्यकतानुरूप तत्काल मरम्मत और पेंटिंग कार्य कराए जाएं.
भीषण गर्मी में यात्रियों को मिलेगी राहत: स्टेशनों के सुंदरीकरण से यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कोई समस्या पैदा न होने पाए. भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए उन्होंने यात्रियों की पेयजल सुविधाओं को विशेष रूप से ध्यान में रखने को कहा है. इसके तहत सभी बस स्टेशनों पर वाटर कूलर हर हाल में पूरी तरह क्रियाशील दशा में होने चाहिए जिससे यात्रियों को शीतल जल उपलब्ध हो सके. इसके साथ ही सभी बस स्टेशनों पर कर्मचारियों और यात्रियों के लिए ORS घोल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.
फिटनेस जांच के बाद ही चलेंगी बसें: हीटवेव से आम जनमानस के बचाव के लिए सभी जरूरी कार्य समय रहते पूरा करना सुनिश्चित करें, जिससे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निबटा जा सके. एमडी ने कड़े लहजे में कहा कि सभी बसों की तकनीकी रूप से 31 और 13 बिन्दुओं की गहन जांच के बाद ही उन्हें मार्ग पर संचालन के लिए भेजा जाए. बसों की इस फिटनेस जांच से वाहन के बीच रास्ते में खराब या ब्रेक डाउन होने का खतरा नहीं रहेगा. इससे यात्रियों को इस भीषण गर्मी के मौसम में रास्ते में परेशान होने से बचाया जा सकेगा.










