नई दिल्ली: गोरखपुर-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) को सिक्स-लेन (6-Lane) में बदलने और सफर को पूरी तरह जाम-मुक्त व सुरक्षित बनाने की कवायद तेजी से चल रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत मार्ग के विभिन्न महत्वपूर्ण चौराहों और ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों) पर फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है.
12 नए फ्लाईओवर बनने का रास्ता साफ
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे 27 पर जल्द ही 12 नए फ्लाईओवर बनने का रास्ता साफ हो गया है. इन फ्लाईओवर के बनने से हाईवे पर लगने वाले जाम और बार-बार होने वाले सड़क हादसों में कमी आएगी. फिलहाल परियोजना वन विभाग की अंतिम मंजूरी (NOC) का इंतजार कर रही है.
12 दुर्घटना संभावित स्थानों पर फ्लाईओवर बनाने की योजना
NHAI ने गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती जिले के 12 दुर्घटना संभावित स्थानों पर फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की है. इसके लिए वन विभाग को 25 हेक्टेयर जमीन भी दे दी गई है, जहां प्रभावित पेड़ों के बदले नए पेड़ लगाए जाएंगे. भूमि मिलने के बाद अब मुआवजा की रकम संबंधित प्रक्रिया शुरू है.
बस्ती में 6, संतकबीरनगर में 3, गोरखपुर सीमा में 3 फ्लाईओवर
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे के बस्ती जिले में प्रस्तावित 6 फ्लाईओवर के लिए 9.67 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को दे दी गई है. इसके अलावा संतकबीरनगर में बनने वाले 3 फ्लाईओवर के लिए 3.764 हेक्टेयर भूमि और गोरखपुर जिले के सीमा में बनने वाले 3 फ्लाईओवर के लिए 11.648 हेक्टेयर भूमि खजनी में दी जा चुकी है. भूमि मिलने के बाद वन विभाग ने शासन में फाइल भेज दी है.
इन स्थानों पर फ्लाईओवर प्रस्तावित
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे पर किमी. 182.8 से km. 252.86 तक 12 जगहों पर Flyover बनने का प्रस्तवाव है. इसमें बस्ती सीमा के भीतर पॉलीटेक्निक चौराहा 1500 मीटर, परसा जाफर 1640 मीटर, विक्रमजोत 1340 मीटर, संसारीपुर 1450 मीटर, कप्तानगंज 1825 मीटर, तिलकपुर में 1320 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा.
संतकबीरनगर में काठगंगा कांटे में 1490 मीटर, मगहर और दुर्गामंदिर मगहर मिलाकर 2270 मीटर लंबा पुल होगा. गोरखपुर जिले की सीमा में सहजनवा, दानापानी होटल के पास और थोकता रोड मिलाकर 4640 मीटर में Flyover का निर्माण प्रस्तावित है.
यात्रियों को जाम से राहत
मंजूरी मिलते ही मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. फ्लाईओवर बनने के बाद यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी, सफर तेज और सुरक्षित होगा तथा हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी बेहतर हो जाएगी.
नेशनल हाईवे पर दो टोल प्लाजा
नेशनल हाईवे पर दो टोल प्लाजा संचालित हैं. दोनों टोल से करीब 30 लाख रुपये की वसूली रोजाना होती है. दोनों टोल प्लाजा से करीब 24 घंटे में 13 से 14 हजार वाहन गुजरते हैं. इसको देखते हुए दुर्घटना बाहुल्य इलाकों में फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित किया गया है.










