नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारत में आतंकी साजिशें रचने और युवाओं को भड़काने वाले शहजाद भट्टी को अब आधिकारिक तौर पर ‘आतंकी’ घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. यूपी पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इस खतरनाक नेटवर्क की जड़ों को उखाड़ फेंकने में जुटी हुई हैं.
52 गिरफ्तार और 175 संदिग्धों से पूछताछ
शहजाद भट्टी गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश में त्वरित और व्यापक कार्रवाई की जा रही है. कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस नेटवर्क पर नकेल कसते हुए राज्य भर में अब तक 12 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए अब तक 52 सक्रिय सदस्यों और सहयोगियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. इसके अलावा, इस सिंडिकेट से जुड़े लगभग 175 संदिग्धों को चिन्हित कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है.
सोशल मीडिया से युवाओं का ब्रेनवाश
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि शहजाद भट्टी सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहा है. वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा है.
ADG अमिताभ यश के अनुसार, भट्टी और उसके गुर्गे सोशल मीडिया के जरिए दिशा-भ्रमित युवाओं को पैसों और काम का लालच देते हैं. इसके बाद उनका ब्रेनवॉश करके उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता है. उन्हें पूर्व-मुस्लिमों, धार्मिक गुरुओं, राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों को जान से मारने की धमकियां देने और उनकी लक्षित हत्या (Target Killing) करने के लिए उकसाया जाता है.
छोटे अपराधों से ‘बड़े आतंकी’ बनाने का पैटर्न
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस सिंडिकेट के काम करने की शैली बेहद खतरनाक है. भट्टी का नेटवर्क सबसे पहले युवाओं का मानसिक ब्रेनवॉश करता है. इसके बाद उनसे आगजनी, धमकी भरे पत्र भेजने, जिहादी पोस्टर लगाने और पेट्रोल बम फेंकने जैसी शुरुआती और छोटी आपराधिक गतिविधियां कराई जाती हैं. जब युवा इन छोटे अपराधों में शामिल होकर नेटवर्क के प्रति वफादार हो जाते हैं, तो उन्हें बड़ी आतंकवादी घटनाओं और संवेदनशील ठिकानों पर बम या ग्रेनेड हमलों के लिए तैयार किया जाता है.
नेटवर्क के मुख्य आका और ISI के मेजर बेनकाब
ADG अमिताभ यश ने इस पाकिस्तान प्रायोजित सिंडिकेट से जुड़े कई मुख्य चेहरों और ISI के आकाओं के नामों का भी खुलासा किया है. इस नेटवर्क को संचालित करने में मेमन, हम्माद बरकाती, जावेद पाकिस्तानी, राजा भाई पाकिस्तानी, अजमल गुज्जर और राशिद भट्टी जैसे गैंगस्टर शामिल हैं. वहीं, पाकिस्तानी सेना और ISI के हैंडलर्स जैसे- राणा हान, मेजर इकबाल, मेजर हामिद और मेजर अनवर सीधे तौर पर इन गतिविधियों को प्रायोजित कर रहे हैं.
केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से ATS-STF की प्रभावी कार्रवाई
पाकिस्तानी नेटवर्क की इस खतरनाक मंशा को नाकाम करने के लिए यूपी पुलिस, ATS और STF केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (Central Intelligence Agencies) के साथ लगातार संपर्क में हैं. खुफिया इनपुट्स के आधार पर संदिग्धों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. योगी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स या नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा और इस सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा.












