गोरखपुर : गोरखपुर, बस्ती एवं आजमगढ़ मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 के शुभारंभ के लिये बुधवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को संबोधित किया. इस मौके पर गोरखपुर मंडल के चार जिलों के अग्रणी किसान, अधिकारी और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी शामिल रहे.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तो देश के भीतर क्षेत्रफल की दृष्टि से चौथे स्थान पर आता है, फिर भी हम चीनी, एथेनॉल, आलू, दूध, सब्जी के उत्पादन में पहले नंबर पर हैं. उन्होंने कहा कि यह सब बीजेपी की डबल इंजन की सरकार और पीएम मोदी के किसान हित और कल्याण को लेकर बनाई गई योजनाओं का परिणाम है.
उन्होंने कहा कि किसान से बड़ा वैज्ञानिक कौन है. किसान जानता है कि कब कौन सी फसल पैदा करनी है? उत्तर प्रदेश जैसा राज्य सबसे अच्छी उर्वरा भूमि रखता है. सिंचाई के साधन भी यहां उपलब्ध हैं. लंबित परियोजनाओं को पूरा किया गया है. जिसमें बाणसागर परियोजना, सरयू नहर परियोजना और बुंदेलखंड की परियोजनाएं शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की व्यवस्था से आच्छादित किया गया है. यही नहीं सरकारी नलकूप के साथ निजी नलकूप को भी फ्री बिजली प्रदेश सरकार दे रही है, जिस पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च आ रहा है.
गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम ने कहा कि उन्हें किसानों की मेहनत पर फक्र होता है, क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत से इसे बीमारू प्रदेश से बाहर निकलते हुए 8 से 18 फ़ीसदी कृषि विकास डर तक पहुंचाने का कार्य किया है. आज उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन करने वाला देश का राज्य है.
उन्होंने कहा कि किसानों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की भी चिंता साफ दिखाई देती है. इसलिए उन्होंने किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से किसानों को मजबूती दी है. आप किसानों को अपनी जरूरत के लिए साहूकारों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता है.
खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 का शुभारंभ
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब प्रदेश में उनके नेतृत्व में सरकार गठित हुई थी तो उन्होंने भी अन्नदाता किसान के लिए अपनी पहली कैबिनेट में फसल ऋण को लेकर बड़ी योजना की सौगात दी थी.
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के किसानों को अगर अपनी फसलों की मुंह मांगी कीमत चाहिए तो उसे एक्सपोर्ट के लायक तैयार करें. यूरोप के बाजार इसका स्वागत करने के लिए तैयार हैं.
खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 का शुभारंभ
उन्होंने औद्यानिक फसलों की चर्चा करते हुए कहा कि अगर आप अच्छी किस्म का आम पैदा करते हैं तो जो आम अपने देश में ₹40 प्रति किलो की कीमत पर होगा, वह विदेश जाकर ₹800 तक की कीमत हासिल करेगा.
उन्होंने कहा कि इस निर्यात में कार्गो की कीमत को भी अगर जोड़ लिया जाएगा तो अधिकतम डेढ़ सौ रुपये ही आएगा. ऐसे में किसानों को बड़ा फायदा एक्सपोर्ट वाली फसलों पर होने वाला है. जिसमें वह औद्यानिक फसलों के साथ सब्जियों के उत्पादन में भी हाथ आजमा सकते हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों को उन्नत तकनीक और सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास कर रही है. यही वजह है कि सरकार के साथ किसानों ने मेहनत करना प्रारंभ किया है तो आज परिणाम भी न सिर्फ देश बल्कि दुनिया के सामने भी नजर आ रहा है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से 2014 का कालखंड किसानों की आत्महत्या का दौर था. जिसके पीछे अच्छे बीज का अभाव, लागत का बढ़ना, एमएसपी का सही न होना और आपदा जैसी स्थिति में रहता का न मिलाना था. सीएम ने किसानों से अपील किया कि वह दलहन, तिलहन के पैदावार पर भी जोर दें जिससे इसके आयात पर देश को अधिक धन खर्च न करना पड़े.
इस रबी गोष्ठी को प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि विज्ञान के बाद अगर किसी का नंबर आता है तो वह किसान ही हैं. जिनके प्रयासों से देश समृद्ध होता है. उन्होंने कहा कि दलहन, तिलहन की बात को अगर छोड़ दें तो खाद्यान्न उत्पादन में हम आत्मनिर्भर हो चुके हैं.
सीएम ने प्रमाण पत्र दिये
गोरखपुर में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास : गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स एवं EWS, LIG आवासीय परिसर सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. इस अवसर पर करीब 208 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ आगे बढ़ी है. इस नीति से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति न मानने वाले जिस बोली-भाषा में समझेंगे, उसी में समझा दिया जाएगा. विकास और उद्यम के लिए सुरक्षा सर्वाधिक जरूरी है. सुरक्षा के बिना न सुशासन आ सकता और न ही समृद्धि आ सकती है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने ईडब्ल्यूएस व एलआईजी भवन के आवंटियों को प्रमाण पत्र वितरित किए. इस अवसर पर औद्योगिक भूमि के आवंटियों को भी मुख्यमंत्री के हाथों आवंटन प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ. सीएम ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी ने सुरक्षा का एक मॉडल उपलब्ध कराया है. सुरक्षा के इस मॉडल से औद्योगिक विकास हुआ और लाखों नौजवानों को रोजगार मिला. अकेले गीडा में पिछले कुछ वर्षों में 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है. सुरक्षा का माहौल बने बिना यह संभव नहीं था.
सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि विकास की प्रक्रिया सतत जारी रहेगी, सुरक्षा सबको मिलेगी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव सबको मिलेगा. उन्होंने कहा कि किसी ने मनबढ़ई करके गरीबों का हक छीनने की कोशिश की, व्यापारियों को धमकाने की कुत्सित प्रयास किया या बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने का दुस्साहस किया तो सरकार छोड़ेगी नहीं. ऐसे लोगों को पाताल से भी खोजकर निकाल लाएंगे. यूपी में जीरो टॉलरेंस के भाव से यही कार्य किया जा रहा है.










