लखनऊ: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और निवेश संस्कृति को लेकर एक और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 22.6 लाख नए रिटेल निवेशक जुड़े हैं, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इससे उत्तर प्रदेश का कुल निवेशक आधार बढ़कर 1.5 करोड़ तक पहुंच गया है। निवेशकों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि राज्य में शेयर बाजार और वित्तीय निवेश के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
NSE की रिपोर्ट में यूपी शीर्ष पर
यह आंकड़े नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के आर्थिक नीति एवं अनुसंधान (EPR) विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नए निवेशकों को जोड़ने के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में नए निवेशकों की वृद्धि की गति कुछ धीमी रही, लेकिन कुल निवेशक आधार में लगातार विस्तार दर्ज किया गया है। देश के कुल पंजीकृत निवेशकों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 11.7 प्रतिशत हो गई है।
निवेशक आधार में महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर यूपी
रिपोर्ट के मुताबिक कुल निवेशकों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में केवल महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश से आगे है, जबकि राज्य ने गुजरात समेत कई पारंपरिक रूप से मजबूत निवेशक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच, वित्तीय जागरूकता अभियानों और छोटे शहरों तक निवेश सुविधाओं के विस्तार ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
10 वर्षों में 12 गुना से अधिक बढ़ा निवेशक आधार
रिपोर्ट में पिछले एक दशक के आंकड़ों की तुलना भी की गई है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में उत्तर प्रदेश में करीब 12.5 लाख पंजीकृत निवेशक थे और राष्ट्रीय निवेशक आधार में राज्य की हिस्सेदारी 6.9 प्रतिशत थी।
वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 1.5 करोड़ हो गई है। यानी एक दशक में निवेशक आधार में 12 गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह बदलाव केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी निवेश के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
कैश मार्केट गतिविधियों में भी यूपी की बड़ी प्रगति
उत्तर प्रदेश ने केवल निवेशकों की संख्या में ही नहीं बल्कि बाजार गतिविधियों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, कैश मार्केट सेगमेंट में राज्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में उत्तर प्रदेश इस मामले में सातवें स्थान पर था। पिछले दस वर्षों में राज्य के कैश मार्केट टर्नओवर में 25.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई है, जो निवेश और ट्रेडिंग गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी को दर्शाती है।
छोटे शहरों से बढ़ी भागीदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, मोबाइल निवेश ऐप्स और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के कारण छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में लोग शेयर बाजार से जुड़ रहे हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश निवेशकों के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
राज्य में बढ़ती निवेशक भागीदारी को आर्थिक विकास, वित्तीय समावेशन और पूंजी बाजार के विस्तार के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।










