लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मिशन 2027 की तैयारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक बिसात बिछानी शुरू कर दी है. विधानसभा चुनावों को पार्टी अपनी प्रतिष्ठा का बड़ा सवाल मानकर चल रही है, जिसके मद्देनजर अब संगठन के स्तर पर बड़े बदलावों की तैयारी है. पार्टी ने अपने क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों और उनके जातीय समीकरणों पर गहन विचार-विमर्श के बाद सहमति बना ली है. माना जा रहा है कि क्षेत्रीय स्तर पर होने वाले ये बदलाव आगामी चुनावों में पार्टी की जीत की पटकथा लिखेंगे. संगठन में नई ऊर्जा भरने और हर वर्ग को साधने के उद्देश्य से 15 जून तक इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है.
जातीय समीकरणों का नया ताना-बाना
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार के बदलावों में रणनीति दो भागों में बंटी हुई है. पश्चिम, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी अपने जातीय कार्ड को बदलने की तैयारी में है, ताकि नए वर्गों को जोड़ा जा सके. वहीं, दूसरी ओर अवध, गोरखपुर और काशी क्षेत्र में पार्टी मौजूदा जातीय समीकरणों को बरकरार रखते हुए केवल चेहरों में बदलाव करने पर विचार कर रही है. काशी क्षेत्र, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है, वहां ओबीसी वर्ग के किसी दूसरे चेहरे को कमान दी जा सकती है. वर्तमान में दिलीप पटेल यहां के अध्यक्ष हैं. इसी तरह, अवध क्षेत्र जो प्रदेश सरकार और संगठन का मुख्य केंद्र है, वहां कमलेश मिश्र के स्थान पर किसी अन्य ब्राह्मण चेहरे को जिम्मेदारी सौंपने पर चर्चा तेज है.
क्षेत्रों के हिसाब से बदली जा रही रणनीति
गोरखपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का प्रभाव होने के चलते, वहां जातीय संतुलन को छेड़ने के बजाय किसी नए भूमिहार चेहरे को अवसर देने की योजना है. पश्चिम क्षेत्र में जहां फिलहाल क्षत्रिय नेतृत्व है, वहां पार्टी इस बार गुर्जर या वैश्य समाज के किसी नेता को आगे लाकर बड़ा संदेश देने का मन बना रही है. कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रकाश पाल की जगह इस बार क्षत्रिय प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है. ब्रज क्षेत्र, जो भाजपा के लिए हिंदुत्व का गढ़ है, वहां लोध समुदाय के बीच किसी नए चेहरे को कमान देने की चर्चा है. वर्तमान में सूची दिल्ली भेजी गई है और केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलते ही प्रदेश में नई टीम का ऐलान कर दिया जाएगा, जो 2027 के महासमर में पार्टी की कमान संभालेगी.










