लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता व आस्था पर लगातार प्रहार कर रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान चोरा मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हुए हैं.
उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करते थे. सीएम ने जनता से राष्ट्रीय मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली ताकतों से सजग रहने की अपील की है.
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक विशेष कॉन्क्लेव में यूपी को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर उन्होंने पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में आए युगांतकारी परिवर्तनों और उपलब्धियों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के दृढ़ संकल्प से, आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है.
यूपी में 2017 से पहले हर तीसरे दिन दंगा होता था, महीनों तक कर्फ्यू रहता था. बेटी व व्यापारी सुरक्षित नहीं थे. 35 से ज्यादा ऐसे जनपद थे, जहां लोगों ने बेटी को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के घर भेजकर पढ़ाई कराई. अन्य लोग बेटियों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल भेजना ही बंद कर देते थे. व्यापारी को पता नहीं होता था कि घर लौट पाएगा या नहीं. किसान अपने खेत में जाने से डरता था.
सीएम ने कहा कि उस वक्त देश में कहीं विस्फोट होता था, तो यूपी का नाम जुड़ता था. पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था. माफियाओं के सामने सरकारें नतमस्तक होकर नाक रगड़ती थीं. नई पीढ़ी को यह जानकारी देने की आवश्यकता है, लेकिन, पिछले 9 वर्षों में हमारी पहचान दंगा, कर्फ्यू और उपद्रवमुक्त उत्तर प्रदेश के रूप में बनी है. उत्तर प्रदेश में अब बेटी, व्यापारी समेत हर व्यक्ति सुरक्षित हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का वातावरण नहीं बना होता तो कोई निवेशक यूपी में नहीं आता. हमने 2017 अक्टूबर में इन्वेस्टर समिट की योजना बनाई और इसके लिए पॉलिसी तैयार की. नतीजा यह हुआ कि यूपी को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतारे जा चुके हैं.
2017 के पहले लखनऊ की चिकनकारी, फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का पीतल, मेरठ का स्पोर्ट्स, भदोही का कालीन व बनारस की साड़ी उद्योग दम तोड़ रहा था. उद्यमियों व कारोबारियों के पास घर बैठने के सिवा कोई चारा नहीं था. डबल इंजन सरकार बनी तो हमने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के रूप में इनकी ब्रांडिंग की.
75 जिलों के 79 उत्पादों को जीआई टैग के साथ जोड़ा. ओडीओपी के तहत वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी में कार्यरत हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है. यूपी आज 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ओडीओपी उत्पाद निर्यात कर रहा है.












