नई दिल्ली। गाजियाबाद के खोड़ा थानाक्षेत्र में बकरीद के दिन हुए सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन की अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। शनिवार को कनावनी स्थित जामिया खुल्फा-ए-राशिदीन मदरसे को प्रशासन की टीम ने सील कर दिया है। इसके अलावा लोनी में इस्लामिया अरबिया काशिफ-उल-उलूम मदरसा भी सील करने की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक ये मदरसा बिना मान्यता और एनओसी के चल रहा था। इससे पहले खोड़ा क्षेत्र के दो अवैध मदरसों पर सील लगाने के साथ डासना स्थित मदरसा जमींदोज किया जा चुका है।
खोड़ा के नवनीत विहार में रहने वाले 17 साल के छात्र सूर्या को असद ने बकरीद के दिन चाकू घोंप दिया था। अगले दिन उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही खोड़ा में तनाव बना हुआ है। असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया था, जबकि उसके पिता नवाब समेत चार आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए हैं। हत्याकांड के बाद असद का मकान और खोड़ा में दो मदरसों को सील किया गया था।
डासना स्थित मदरसा ध्वस्त
बुधवार को प्रशासन ने डासना स्थित मदरसे को जमींदोज कर दिया था, जो सरकारी जमीन पर बनाया गया था। शनिवार दोपहर जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ कनावानी स्थित जामिया खुल्फा-ए-राशिदीन मदरसे पर पहुंची और मदरसा खाली करा यहां सील लगा दी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसे पर नोटिस भी चस्पा किया है। नोटिस के मुताबिक मदरसा चलाने के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता नहीं ली गई थी।
मदरसा सोसाइटी का भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। इसके अलावा यहां अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग से एनओसी नहीं ली गई है। ऐसे में यहां हादसा हो सकता है, जिसके चलते इसे तुरंत सील किया जाता है। साथ ही मदरसा संचालकों से सात दिन में नोटिस का जवाब भी मांगा गया है। जवाब न दिए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
असद के घर भी नोटिस चस्पा
इससे पहले प्रशासन ने असद के घर के बाहर भी नोटिस चस्पा किया था। प्रशासन ने अवैध कब्जा बताते हुए 15 दिनों का समय दिया था। अगर 15 दिन में कब्जा नहीं हटाया गया तो खुद कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी थी।










