कानपुर। भारतीय सेना के जवानों के लिए पहली बार ऐसे विशेष जैतूनी (ऑलिव ग्रीन) रंग के एंटी-स्लिप हाई एंकल बूट तैयार किए गए हैं, जो जंगल और दुर्गम इलाकों में सैन्य अभियानों के दौरान उनकी सुरक्षा और गोपनीयता दोनों को मजबूत करेंगे। कानपुर की ऑर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री (ओईएफ) द्वारा विकसित इन बूटों को भारतीय सेना ने बड़े स्तर पर ट्रायल के लिए मंजूरी देते हुए 5,000 जोड़ी की मांग की है।
अब तक सेना के जवान मुख्य रूप से काले रंग के हाई एंकल बूट पहनते रहे हैं, लेकिन जंगलों और हरियाली वाले क्षेत्रों में इनका रंग आसानी से नजर आ जाता है। नई पीढ़ी के ऑलिव ग्रीन बूट सेना की वर्दी और प्राकृतिक वातावरण से मेल खाते हैं, जिससे जवानों को बेहतर कैमोफ्लाज मिलेगा। पेड़-पौधों और झाड़ियों के बीच उनकी मौजूदगी का पता लगाना दुश्मन के लिए पहले की तुलना में अधिक कठिन होगा। ओईएफ के अधिकारियों के अनुसार, इन बूटों को विशेष रूप से जंगल युद्धक अभियानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
बूटों में एंटी-स्लिप सोल लगाया गया है, जिससे फिसलन भरे, ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी इलाकों में जवानों की पकड़ मजबूत बनी रहेगी। हल्के वजन के कारण लंबी दूरी की पैदल गश्त और ऑपरेशन के दौरान थकान भी कम होगी। फैक्ट्री ने इन बूटों का विकास आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और संसाधनों से किया है। सेना की ओर से डिजाइन, मजबूती और गुणवत्ता मानकों की जांच के बाद इन्हें ट्रायल के लिए चुना गया है। ट्रायल सफल रहने पर बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा।
ओईएफ, कानपुर के मुख्य महाप्रबंधक, डॉ. अनिल रंगा ने कहा कि सैन्य अभियानों में वर्दी के अनुरूप बेहतर छलावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑलिव ग्रीन लाइट हाई एंकल बूट विकसित किए गए हैं। सेना की मंजूरी के बाद 5,000 जोड़ी बूट ट्रायल के लिए भेजे गए हैं। स्वदेशी तकनीक से तैयार ये बूट हल्के, सुरक्षित हैं।
तीन मॉडल विकसित
ओईएफ ने सैनिकों के लिए तीन प्रकार के लाइट हाई एंकल बूट तैयार किए हैं। इनमें दो ऑलिव ग्रीन और एक ब्लैक मॉडल है। हरे रंग के एक मॉडल में प्रीमियम फुल ग्रेन लेदर तथा दूसरे में उच्च गुणवत्ता वाला स्वेड लेदर इस्तेमाल किया गया है। ट्रायल के लिए भेजे गए 5,000 बूटों में दो-दो हजार जोड़ी दोनों ग्रीन मॉडल की और एक हजार जोड़ी ब्लैक मॉडल की हैं।
जवानों को मिलेंगे ये फायदे
- ऑलिव ग्रीन रंग से जंगलों में बेहतर कैमोफ्लाज मिलेगा।
- वजन कम होने से लंबी दूरी की गश्त आसान होगी।
- एंटी-स्लिप सोल से फिसलन और कीचड़ में बेहतर पकड़ मिलेगी।
- ऑयल रेजिस्टेंट सोल औद्योगिक व कठिन इलाकों में भी सुरक्षित रहेगा।
- शॉक एब्जॉर्बिंग तकनीक से पैरों पर दबाव और थकान कम होगी।
- ब्रीथेबल डिजाइन से लंबे समय तक पहनने पर भी पैर कम पसीजेंगे।
- पथरीले, कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्तों में अच्छी पकड़ मिलेगी।
विशेष डिजाइन
करीब 1,230 ग्राम वजन वाले ये बूट 1,400 ग्राम हाई एंकल बूट की तुलना में हल्के हैं। इन्हें पहाड़ी इलाकों, जंगल, रेगिस्तान, कीचड़, पथरीले और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर लंबी दूरी की गश्त और सैन्य अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। बूट का एंटी-स्लिप सोल फिसलन वाली सतह पर बेहतर पकड़ देता है, जबकि हाई एंकल डिजाइन टखनों को चोट से बचाता है। शॉक एब्जॉर्बिंग सोल चलने और दौड़ने के दौरान झटकों को कम करता है और ब्रीथेबल डिजाइन लंबे समय तक पहनने पर भी दिक्कत नहीं होती।












