मेरठ: यूपी सरकार ने लोगों के लिए राहत भरा कदम उठाया है. इसके तहत अब ऐसे लोग जो प्रॉपर्टी, भवन, बिल्डिंग, कॉमर्शियल-रेजिडेंशियल बिल्डिंग, मकान-दुकान 12 महीने तक के लिए किराए पर लेना या देना चाहते हैं तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं. अब घर बैठे ही किरायानामा तैयार किया जा सकेगा. आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया और कैसे किया जा सकता है आवेदन?
कैसे बनेगा किरायानामा
सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार ने इस मसले पर ईटीवी भारत से बात की. बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. जो लोग 12 महीने तक या 12 महीने से कम समय के लिए किरायानामा बनाना चाहते हैं, वे घर में बैठकर इस काम को आसानी से कर सकते हैं. ऐसे लोग स्टांप और पंजीकरण की वेबसाइट igrs.Gov.up .in पर जाकर 12 महीने तक का किरायानामा जेनरेट कर सकते हैं. उसकी डिजिटल मार्किंग करते हुए एक लीगल डॉक्यूमेंट तैयार कर सकते हैं.
ऐसा किरायानामा बनवाने के लिए किसी भी ऑफिस दफ्तर के पास जाने की जरूरत नहीं है. जो किरायानामा बन जाएगा, वह रिकॉर्ड के तौर पर न सिर्फ विभाग के पास बल्कि दोनों पक्षों के पास भी बताई गई मेल आईडी पर पहुंच जाएगा. स्टांप एवं पंजीयन की वेबसाइट पर भी यह पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा. लोग ई-केवाईसी के माध्यम से अपने आधार कार्ड के नंबर से उसको सत्यापित कराते हुए E-document जेनरेट कर सकते हैं. इसमें लोग खुद ही नाम, पता, किराए की समय सीमा आदि को दर्शाते हुए किरायानामा घर बैठे ही बना सकते हैं.
क्या मिलेगा लाभ
बताया कि इसका सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि घर बैठे ही मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से कुछ ही मिनट में किरायानामा तैयार कर सकते हैं, जिस पर दोनों पक्षों को डिजिटल हस्ताक्षर करने पड़ते हैं. जब कभी कोई कानूनी तौर पर समस्या आती है तो अक्सर ऐसा देखा गया है कि जो किरायानामा इस्तेमाल करते हैं, उसको कई बार संदेह के घेरे में भी माना जाता है, लेकिन यह पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत सभी नियमों को पालन करने के बाद ही जेनरेट होगा. साथ ही जो राशि जमा की गई है, उसका भी रिकॉर्ड रहेगा. कहीं किसी अधिकारी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, समय भी बचेगा.
माना जाएगा लीगल डॉक्यूमेंट
कई बार ऐसा भी देखा गया कि लोगों को यही जानकारी नहीं होती कि उन्हें कितनी स्टैंप ड्यूटी देनी है और उन्होंने अगर किसी अन्य की मदद से अपना किरायानामा तैयार कराया है तो वह कितने पैसे ले रहा है. इस प्रक्रिया से पैसे भी बचेंगे और सीधे तौर पर अपना किरायानामा खुद ही बना सकेंगे. पूरी तरह से एक लीगल डॉक्यूमेंट तैयार कर सकते हैं. हर तरह की प्रॉपर्टी का किरायानामा और पट्टाभिलेख 12 महीने के लिए तैयार कर सकते हैं. क्योंकि ये दस्तावेज पूरी तरह से लीगल डॉक्यूमेंट होगा. किसी भी कोर्ट या न्यायालय में Court proceedings में इसको लीगल डॉक्यूमेंट माना जाएगा.










