नई दिल्ली। दिल्ली वालों के एक जरूरी जानकारी सामने आई है. राजधान में ट्रैफिक चालान को गलत मानने वाले वाहन चालकों के लिए कोर्ट जाने वाली प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. अब किसी ई-चालान के खिलाफ सीधे कोर्ट जाने से पहले संबंधित अधिकारी के सामने अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी.
क्यों हुआ बदलाव?
दिल्ली में ट्रैफिक नियमों पर नजर बनाए रखने के लिए कैमरों और दूसरे तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जाता है. नियम तोड़ने पर ली गई फोटो या रिकॉर्ड मिलने के बाद ही गाड़ी के नंबर के आधार पर ई-चालान जारी किया जाता है. वहीं अगर किसी चालक को लगता है कि चालान गलत है, तो वह पहले संबंधित अधिकारी के पास इसकी शिकायत कर सकेगा
कैसे करेंगे जांच?
शिकायत मिलने के बाद अधिकारी दिए गए तथ्यों और चालान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेंगे. अगर जांच में चालान गलत पाया जाता है, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही इस बात की जानकारी वाहन चालक को पोर्टल के जरिए दी जाएगी. वहीं, अगर अधिकारी चालान को सही मानते हैं और चालक इस फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो वह कोर्ट का रुख कर सकता है.
कोर्ट में पहले जमा करने होंगे पैसे
हालांकि, कोर्ट में चालान को चुनौती देने से पहले चालान की 50% राशि जमा करनी होगी. जैसे, अगर चालान 2,000 रुपये का है, तो कोर्ट जाने से पहले 1,000 रुपये जमा करने होंगे. इसी तरह 5,000 रुपये के चालान पर 2,500 रुपये जमा करने होंगे.
कोर्ट में कैसे जमा करना होगा चालान
वहीं अगर कोर्ट में सुनवाई के बाद चालान गलत पाया जाता है, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा, साथ ही पहले जमा की गई 50 प्रतिशत राशि वापस कर दी जाएगी. वहीं, अगर कोर्ट चालान को सही मानता है, तो वाहन चालक को बाकी 50 प्रतिशत राशि भी जमा करनी होगी. इस तरह पहले जमा की गई रकम चालान की कुल राशि में शामिल मानी जाएगी.
नई प्रक्रिया का उद्देश्य चालान से जुड़ी शिकायतों की शुरुआती लेवल पर जांच करना और हर मामले में सीधे कोर्ट जाने की जरूरत को कम करना है. ई-चालान इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए जारी किए जाते हैं और इनमें उल्लंघन से जुड़ी फोटो, डेट, समय और जगह जैसी जानकारी दर्ज की जा सकती है.












