लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. शहर में पहली बार AC मिनी बसें चलाई जाएंगी. यह पहल यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर प्रदान करेगी, बल्कि शहर की सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या को भी कम करेगी.
क्या है पूरी योजना?
परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की ओर से तैयार की गई इस योजना के तहत 20 सीटर मिनी बसों का संचालन किया जाएगा. इन बसों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनका संचालन मुख्य सिटी बसों के रूटों पर नहीं होगा. इसके बजाय, इन्हें शहर के उन व्यस्त इलाकों में उतारा जाएगा जहां बड़े वाहनों का पहुंचना मुश्किल होता है. इन बसों का मुख्य उद्देश्य मेट्रो स्टेशन, मुख्य बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों को शहर के भीतरी हिस्सों से जोड़ना है.
10 से 20 किलोमीटर का दायरा और प्रमुख इलाके
योजना के अनुसार, ये मिनी बसें शहर के 28 प्रमुख इलाकों में 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में चलेंगी. फिलहाल इन रूटों का अंतिम चयन करने के लिए तीनों विभाग मिलकर एक संयुक्त सर्वे कर रहे हैं. इन रूटों को इस तरह से तय किया जा रहा है कि शहर के उन पॉकेट को कवर किया जा सके जहां से लोग अक्सर अपनी निजी कार या बाइक लेकर निकलते हैं.
यात्रियों और शहर के लिए फायदे
यह 16 से 20 यात्रियों की क्षमता वाली ये मिनी बसें यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होंगी. जब लोग अपनी कारों के बजाय इन बसों का इस्तेमाल करेंगे, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम की स्थिति में सुधार आएगा. भीषण गर्मी और उमस के दौरान AC सुविधा यात्रियों को बड़ी राहत देगी. मेट्रो और ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों के लिए यह ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ का काम करेंगी, यानी स्टेशन तक पहुंचने का झंझट खत्म हो जाएगा.
सर्वे के बाद शुरू होगा संचालन
फिलहाल संबंधित विभाग उन 28 प्रमुख इलाकों को चिन्हित कर रहे हैं जहां मिनी बसों की सबसे अधिक आवश्यकता है. ट्रैफिक विभाग की मदद से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन बसों के चलने से किसी रूट पर जाम न लगे. सर्वे पूरा होने के बाद बसों के नंबर, स्टॉपेज और किराए का खाका तैयार किया जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि इस नई परिवहन सेवा के शुरू होने से लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था न केवल व्यवस्थित होगी, बल्कि लोगों को सस्ता, सुलभ और आरामदायक सफर भी मिल सकेगा. यह शहर के यातायात को स्मार्ट और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.












