उन्नाव : उन्नाव में खेलकूद के मैदान के लिए सुरक्षित जगह पर मदरसा की बिल्डिंग खड़ी कर दी गई। जिला प्रशासन बार-बार हटाने के लिए कह रहा था। लेकिन मदरसा प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा। अंततः आज प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा और जेसीबी से मदरसे को जमींदोज कर दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि खेलकूद के मैदान पर अवैध निर्माण किया गया था। उप जिलाधिकारी सदर ने कहा कि बच्चों के खेलकूद के मैदान में मदरसा की बिल्डिंग बनी थी। जिसको हटा दिया गया है। मामला सदर तहसील के माखी थाना क्षेत्र का है।
राजस्व न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज प्रशासन में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में अवैध निर्माण को गिराया गया। माखी थाना क्षेत्र के इसुनिया गांव में बच्चों के लिए सुरक्षित जगह पर अवैध निर्माण करके मदरसा बना दिया गया। जिसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने जांच करवाया। राजस्व न्यायालय में मामला चला। सुनवाई के बाद राजस्व न्यायालय ने बेदखली का आदेश दिया और मदरसा प्रबंधन को नोटिस भेज कर हटाने के लिए कहा। लेकिन मदरसा प्रबंधन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी किया विरोध
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने खेल के मैदान पर मदरसा निर्माण को हटाने की मांग की थी। बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मदरसा हटाने की मांग की। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के पहुंचने की खबर मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गई।
राजस्व न्यायालय ने हटाने का दिया था नोटिस
मामला राजस्व न्यायालय में 2018 में मामला आया था। बीते तीन जून को अदालत की तरफ से मदरसा हटाने के लिए नोटिस दी गई। प्रशासन ने अवैध कब्जा करने वालों को कई अवसर दिए की अपना अवैध निर्माण स्वयं हटा ले लेकिन अवैध निर्माण नहीं हटाया गया
क्या कहते हैं उप जिलाधिकारी?
इस संबंध में उप जिलाधिकारी ने बताया कि मदरसा प्रबंधन सहित अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजा गया था कि अवैध निर्माण हटा लें। लेकिन नहीं हटाया गया। अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया। गाटा संख्या 122 (रकबा .835 हैक्टेयर) सरकारी अभिलेखों में खेलकूद के मैदान के रूप में दर्ज है। जिस पर अवैध मदरसा का संचालन हो रहा था। राजस्व न्यायालय ने बेदखली का आदेश दिया था










