- राजा पासी के किले और शिव मंदिर पर मौलाना का अवैध कब्जा
- राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में लाखन आर्मी ने खोला मोर्चा
मलिहाबाद: सनातन संस्कृति और पासी समाज की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत को मिटाने की एक और घिनौनी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। बहराइच के एक शातिर मौलाना जमील अहमद ने मलिहाबाद के कसमंडी कलां स्थित ऐतिहासिक राजा पासी के किले और अत्यंत पवित्र शिव मंदिर परिसर पर न सिर्फ अवैध कब्जा जमा लिया है, बल्कि वहां शिक्षा की आड़ में मासूम बच्चों के धर्मांतरण (ब्रेनवॉश) का खतरनाक खेल भी शुरू कर दिया है।

इस दुस्साहस के खिलाफ ‘लाखन आर्मी’ ने पूरी ताकत से मोर्चा खोल दिया है। लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के कड़े रुख के बाद संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मलिहाबाद थानाध्यक्ष को लिखित शिकायती पत्र सौंपा है। लाखन आर्मी ने साफ चेतावनी दी है कि पासी समाज के शौर्य और सनातन की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लाखन आर्मी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने थानाध्यक्ष को मौलाना की काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा सौंपते हुए बताया कि कसमंडी कलां स्थित राजा कंस का किला और शिव मंदिर क्षेत्र पासी समाज की ऐतिहासिक अस्मिता और हिंदुओं की अगाध आस्था का केंद्र है। यह वही पवित्र भूमि है, जहां के शिव मंदिर की रक्षा के लिए महापराक्रमी राजा कंस ने आक्रांता गाजी सालार मसूद से भीषण युद्ध लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।

विगत तीन वर्षों से बहराइच का रहने वाला मौलाना जमील अहमद अचानक इस क्षेत्र में आकर घुसपैठिया बन गया। कानून की धज्जियां उड़ाते हुए उसने पहले किले के प्राचीन ढांचों पर कब्जा किया, फिर वहां अवैध रूप से नमाज पढ़ना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे इस ऐतिहासिक स्थल को पूरी तरह से मुस्लिम धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया गया।

लाखन आर्मी के सदस्यों ने बेहद सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि मौलाना बिना किसी वैधानिक मान्यता के वहां ‘सुलेमानिया स्कूल’ नाम का अवैध मदरसा संचालित कर रहा है। इसमें पास के नबीपनाह गांव के नट बिरादरी के गरीब और मासूम बच्चों को लाया जाता है। शिक्षा देने के बहाने इन बच्चों का भयानक तरीके से ‘ब्रेनवॉश’ किया जा रहा है और उन्हें सनातन धर्म के खिलाफ भड़काकर उनका जबरन धर्मांतरण कराने का राष्ट्रविरोधी खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
मौलाना जमील अहमद की इन संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियों के कारण पूरे क्षेत्र में भारी सामाजिक तनाव और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय हिंदू और पासी समाज में इस ‘लैंड जिहाद’ और ‘धर्मांतरण’ को लेकर जबरदस्त गुस्सा है।

लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में संगठन ने दो टूक शब्दों में प्रशासन से ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल से अवैध कब्जा तुरंत हटाने, बिना अनुमति के अवैध मदरसा चलाने और जबरन धर्मांतरण का जाल बिछाने वाले मौलाना जमील अहमद के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे जेलने की मांग की की। साथ ही पासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर को भू-माफियाओं और मजहबी कट्टरपंथियों से मुक्त कराकर उसे संरक्षित किया जाए।
थाने में ज्ञापन सौंपकर मौलाना के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान करने वाले लाखन आर्मी के सुशील पासी, संदीप पासी, दीपू पासी और मोहित पासी प्रमुख रूप से शामिल रहे। लाखन आर्मी ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इस जिहादी मानसिकता वाले मौलाना पर तुरंत कठोरतम कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।










