नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक बेंच लद्दाख में स्थापित करने का फैसला किया है. यह जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दी.
शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक बेंच स्थापित करने का फैसला लिया है. इससे लद्दाख के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच काफी बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें कानूनी सेवाएं हासिल करने में लगने वाला समय घट जाएगा.’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास और वहां के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद, 2019 में लद्दाख एक केंद्र-शासित प्रदेश बना. इस पुनर्गठन में जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दो केंद्र-शासित प्रदेशों में बांटा गया था.
लद्दाख के लोगों को क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट की बेंच बनने से लद्दाख के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों को न्यायिक सेवाओं तक पहुंच बनाने में आसानी होगी. इससे कानूनी सेवाओं के लिए लगने वाला समय कम होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. इस निर्णय का मकसद लद्दाख में न्याय व्यवस्था तक नागरिकों की पहुंच को और बढ़िया करना है.
क्यों मायने रखता है ये फैसला?
सरकार का ये फैसला लद्दाख के लिए काफी मायने रखता है. अब तक लद्दाख के लोगों का अगर कोई मामला हाई कोर्ट जाता था या उन्हें हाई कोर्ट में अपील करनी होती थी तो उसके लिए जम्मू-कश्मीर जाना पड़ता था. लेकिन अब हाई कोर्ट की एक बेंच लद्दाख में भी होगी, इसलिए अब वहां के लोगों को इंसाफ के लिए जम्मू-कश्मीर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.












