लखनऊ : लखनऊ में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस दौरान सीएम योगी ने बच्चों के रचनात्मक विकास पर जोर दिया। उन्होंने वीडियो गेम की लत और इसके घातक परिणामों की ओर भी ध्यान दिलाया। सीएम योगी ने कहा, बच्चा रो रहा है तो मां-पिता उसको संतुष्ट करने के लिए फोन दे देते हैं। अगर 2-3 साल का बच्चा रो रहा है तो उसको रोने दीजिए। उसको दूसरे ऐसे कार्यों के साथ जोड़िए जो उसका रचनात्मक विकास कर सके, उसे वीडियो गेम के साथ जोड़ रहे हैं। परिणाम क्या होता है? उसके घातक परिणाम भी हम सबके सामने देखने को मिल रहे हैं।
भारत की एकता को उत्तर से दक्षिण तक आगे बढ़ाना है
सीएम योगी ने कहा, भारत की एकता को उत्तर से दक्षिण तक आगे बढ़ाना है। राम के पास दिव्य अस्त्र तब आए, गुरु विश्वामित्र हैं। राम को मर्यादा के एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना है, तब जब गुरु के रूप में महर्षि वाल्मीकि हैं। कृष्ण तब कृष्ण बन पाए, मुरली को सुदर्शन बनने में कोई समय नहीं लगा जब गुरु संदीपन आए। याद करना युग अलग-अलग हो सकता है, लेकिन समय के अनुरूप मुरली की आवश्यकता वृंदावन में थी।
सीएम योगी ने कहा, लेकिन धर्म की स्थापना के लिए सुदर्शन भी आवश्यक है। संदीपन ने महसूस किया था और कृष्ण के हाथों से मुरली वृंदावन में रखवा कर सुदर्शन लेकर के निकल पड़ो। तभी धर्म की स्थापना होगी, तभी यह देश सुरक्षित होगा। इस भाव के साथ जब उस प्रकार की प्रेरणा दे पाएंगे तब राष्ट्र के रूप में एक लंबी यात्रा को हम आगे बढ़ा पाते हैं।
जनता दर्शन कार्यक्रम
इससे पहले आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए लोगों से मुलाकात की, उनके प्रार्थना पत्र लिए और उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री ने सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण समयसीमा के भीतर हो, देरी होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाए।










