नई दिल्ली। दुनिया में एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत और फ्रांस ने मिलकर एक नई दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। दोनों देश अब ऐसी AI व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रहे हैं, जिसमें सहयोग, भरोसा और साझेदारी को प्राथमिकता दी जाए। बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने Anthropic के कई AI मॉडल पर बैन लगाया है जिसके बाद एआई के क्षेत्र में अमेरिका के दबदबे को लेकर चिंता होने लगी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को कहा कि फ्रांस और भारत “सहयोगी AI” (Cooperative AI) के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की AI कंपनियों पर निर्भरता और तकनीकी नियंत्रण को लेकर दुनियाभर में चर्चा तेज हो गई है।
भारत-फ्रांस ने जताई ‘कोऑपरेटिव AI’ की सोच
नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करते हुए मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब इनका आधार तकनीक और नवाचार भी बन रहा है।
मैक्रों ने कहा कि कुछ महीने पहले मुंबई में ‘ईयर ऑफ फ्रेंच-इंडियन इनोवेशन’ की शुरुआत की गई थी। उन्होंने कहा कि सवाल यह नहीं है कि भारत इनोवेशन करेगा या नहीं, बल्कि यह है कि भारत के साथ मिलकर कौन इनोवेशन करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस AI के क्षेत्र में एक ऐसी साझेदारी चाहते हैं, जिसमें सम्मान और आपसी विश्वास हो।
अमेरिकी AI मॉडल पर निर्भरता को लेकर बढ़ी बहस
भारत और फ्रांस के बीच AI सहयोग की चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका की AI कंपनियों के प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी स्टार्टअप Anthropic ने अपने दो नए AI मॉडल Fable 5 और Mythos 5 का एक्सेस विदेशी नागरिकों के लिए बंद कर दिया था। यह कदम अमेरिकी प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं से जुड़े निर्देशों के बाद उठाया गया।
इस घटना ने दुनिया के कई देशों में यह बहस शुरू कर दी है कि क्या एडवांस AI तकनीक के लिए कुछ चुनिंदा अमेरिकी कंपनियों पर निर्भर रहना सही है। कई देश अब अपनी AI क्षमता और वैकल्पिक साझेदारियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
मैक्रों ने भारत की इनोवेशन क्षमता की तारीफ की
मैक्रों ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा इंजीनियर तैयार होते हैं और देश रिसर्च व इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत के चंद्रयान-3 मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग भारत की तकनीकी ताकत और क्षमता को दिखाती है। मैक्रों ने भारत की युवा आबादी और विज्ञान-तकनीक पर बढ़ते फोकस को देश की बड़ी ताकत बताया।
मोदी ने बताया भारत-फ्रांस संबंधों का नया आधार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ पहल भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय विशेषज्ञता के बीच एक पुल का काम करेगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश व्यापार और रणनीतिक साझेदारी करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो साझा सोच और मूल्यों पर आधारित होते हैं। भारत-फ्रांस संबंध भी इसी तरह के हैं। मोदी ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी में कनेक्शन, विश्वास, इनोवेशन, प्रेरणा और साझा विजन की अहम भूमिका है।
AI के साथ बढ़ेगा आर्थिक और तकनीकी सहयोग
भारत और फ्रांस ने दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाने पर भी सहमति जताई है। इसके तहत महत्वपूर्ण खनिजों और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना है। दोनों नेताओं ने स्टार्टअप और निवेशकों को जोड़ने वाले कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों की कंपनियां शामिल हुईं।
भविष्य की AI रणनीति में भारत की अहम भूमिका
दुनिया में जैसे-जैसे AI तकनीक रणनीतिक महत्व हासिल कर रही है, वैसे-वैसे देशों के बीच तकनीकी साझेदारी भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत और फ्रांस का यह सहयोग संकेत देता है कि आने वाले समय में AI विकास में केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग की भूमिका भी बड़ी होगी।










