नई दिल्ली। जिन आयकरदाताओं के खातों का ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि (ITR Filing Last Date) 31 जुलाई है. आयकर विभाग की वेबसाइट के मुताबिक अब तक एक करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर अपनी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल भी कर चुके हैं. आयकर विभाग तेजी से रिटर्न को प्रोसेस करने लगा है. रिटर्न की प्रोसेसिंग के बाद ही आईटीआर रिफंड आयकरदाता के बैंक खाते में डाला जाता है. बहुत से आयकरदाताओं को यह पता नहीं होता कि आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद रिफंड कितने दिन बाद मिल जाता है.
अगर आप भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर चुके हैं और अब रिफंड का इंतजार कर रहे हैं तो जान लें कि आपको रिफंड के लिए ज्यादा वेट नहीं करना होगा. अब आयकर विभाग तेजी से रिटर्न को प्रोसेस करता है और 10 से 45 दिन के भीतर ही रिफंड आपके खाते में डाल देता है. पहले रिफंड आने में 90 दिन से ज्यादा लगते थे. कुछ साल पहले वित्त मंत्री ने संसद में बताया था कि 2013-14 में रिफंड में औसतन 93 दिन लगते थे.
आयकर विभाग अब कितने दिनों के भीतर रिफंड प्रोसेस करता है?
- 90 दिन से अधिक
- 10 से 45 दिन
- 45 से 90 दिन
- 5 से 10 दिन
आईटीआर वेरिफाई करने के बाद ही आएगा रिफंड
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से ही केवल आपको रिफंड नहीं आएगा. इसके लिए आपको आईटीआर को वेरिफाई करना होगा. आईटीआर को आयकरदाता के वेरिफाई करने के बाद ही आयकर विभाग उसे प्रोसेस करता है. टैक्सपेयर ऑनलाइन अपनी आईटीआर को सत्यापित कर सकता है. इसे ई-वेरिफिकेशन कहा जाता है.
अब जल्दी क्यों आने लगा रिफंड?
रिफंड इतनी जल्दी मिलने की वजह डिपार्टमेंट का पूरी तरह डिजिटल सिस्टम है. अब पुराने एक्सेल सिस्टम की जगह जेएसओएन फॉर्मेट का इस्तेमाल होता है, जिससे डेटा जल्दी प्रोसेस होता है. रिटर्न की ई-वेरिफिकेशन के बाद रिफंड प्रोसेसिंग तुरंत शुरू हो जाती है. साथ ही, बैंक खाते का पहले से वेरिफिकेशन और पैन-आधार लिंकिंग से रिफंड सही खाते में सीधे पहुंचता है.









