नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष विकास और विरासत के संगम का स्वर्णिम कालखंड रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अवधि में देश ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आधुनिक विकास, दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ी सरकार
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में एक ओर श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन महाकाल लोक जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं धार्मिक परियोजनाओं का निर्माण हुआ, वहीं दूसरी ओर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं ने देश की प्रगति को नई गति दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, अन्न भंडार जैसी योजनाओं के साथ-साथ विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, आधुनिक अवसंरचना और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों ने भारत की विकास यात्रा को अभूतपूर्व रफ्तार प्रदान की है।
सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण में भी बड़ी उपलब्धियां
अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 1 करोड़ अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया गया, विदेशों से 668 प्राचीन कलाकृतियां वापस लाई गईं और 11 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय स्थापित किए गए।
भारतीय भाषाओं को मिला सम्मान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने 11 भारतीय भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देकर देश की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से यह स्पष्ट होता है कि विकास और विरासत एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों को साथ लेकर ही देश आगे बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की सोच का दिखा प्रभाव
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को साथ लेकर चलना ही भारत की प्रगति का मार्ग है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में विकास और विरासत दोनों को समान महत्व दिया गया है।










