पटना। बिहार में हर नागरिक का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाने को लेकर अभियान शुरू किया गया है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधीर ने 2 सितंबर को सभी 38 जिलों में ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की. यह स्पेशल अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर यानी तीन महीने तक चलेगा. सीएम सम्राट चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों को इस अभियान की निगरानी का निर्देश दिया है. सीएम ने कहा इस अभियान का उद्देश्य बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय सही समय पर उसकी पहचान और ट्रिटमेंट सुनिश्चित करना है. क्योंकि समय पर जांच से बीमारी की पहचान हो सकती है और इसके आधार पर बेहतर इलाज कराया जा सकता है.
30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की होगी जांच
अभियान के तहत 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी. सरकारी स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर प्राथमिक जांच और परामर्श देंगे. अगर जरूरत पड़ी तो मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला अस्पताल तक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. बताया गया है कि अभियान में लोगों के डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, दिल की बीमारी, सांस और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों और फैटी लिवर की जांच की जाएगी.
सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के करीब 6 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग कर उनका स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करना है. इस रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा. जिससे भविष्य में उपचार के दौरान प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके.
सीएम ने बताया कि जिला अस्पतालों में अब 45 प्रकार की सर्जरी की जा रही है. पहले जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में 36 प्रकार की सर्जरी होती थी. अस्पतालों से मरीजों के रेफरल में कमी आई है और स्थानीय स्तर पर सर्जरी की संख्या बढ़ी है. जून में 2,428 ऑपरेशन हुए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 8,000 से अधिक हो गई है.












