नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्लीवासियों को 1,941 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी रोड अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना, प्रमुख मार्गों पर दबाव कम करना और विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।
गृह मंत्री अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 पहुंचे और इसका शुभारंभ किया। उन्होंने मुकरबा चौक अंडरपास का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इस दौरान आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बेहतर समन्वय से राजधानी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। सरकार सड़क, फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर का मजबूत नेटवर्क तैयार करने के लिए काम कर रही है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम हो और लोगों को यातायात के दबाव से राहत मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत और विकसित दिल्ली के संकल्प को साकार करने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है। ये परियोजनाएं केवल सड़क और फ्लाईओवर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, समय की बचत और सुविधाजनक आवागमन से भी जुड़ी हैं।
दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि बारापुला फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन तथा लोनी अंडरपास और मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का शिलान्यास राजधानी की कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार का प्रयास है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का लाभ लोगों के रोजमर्रा के सफर में दिखाई दे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और डॉ. पंकज कुमार सिंह समेत कई विधायक मौजूद रहे।
बारापुला फेज-3 से पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 शुरू होने से मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां होते हुए दक्षिण दिल्ली और एम्स तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मजबूत होगी। करीब 10.9 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर को मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ा गया है। परियोजना में यातायात के सुचारु संचालन के लिए नौ लूप बनाए गए हैं। पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और नोएडा से आने-जाने वाले लोगों को लाभ मिलने और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
मुकरबा चौक अंडरपास से रोजाना हजारों वाहनों को मिलेगा लाभ
मुकरबा चौक अंडरपास से बाहरी रिंग रोड पर यातायात सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना में दो वाहन अंडरपास और एक पैदल यात्री अंडरपास शामिल हैं। इससे प्रतिदिन करीब 16 हजार वाहनों को लाभ मिलने का अनुमान है। बादली और रोहिणी की ओर से आजादपुर तथा जहांगीरपुरी जाने वाले वाहन मुकरबा चौक इंटरचेंज में प्रवेश किए बिना सीधे आवागमन कर सकेंगे। हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास पैदल यात्रियों के लिए अलग अंडरपास भी बनाया गया है।
मोदी मिल फ्लाईओवर से कालकाजी तक बेहतर कनेक्टिविटी
मोदी मिल फ्लाईओवर के विस्तार के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है। इससे मोदी मिल से कालकाजी और आगे आईआईटी गेट की दिशा में सिग्नल-फ्री आवागमन को मजबूत करने की योजना है। परियोजना से कैप्टन गौड़ मार्ग और आउटर रिंग रोड के प्रमुख जंक्शनों पर यातायात का दबाव कम करने तथा नेहरू प्लेस, कालकाजी और ग्रेटर कैलाश के बीच आवागमन सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर से ट्रैफिक को मिलेगा नया मार्ग
सावित्री सिनेमा जंक्शन पर नए समानांतर फ्लाईओवर के निर्माण का शिलान्यास किया गया। इसका उद्देश्य आउटर रिंग रोड और जीके-2 रोड के आसपास यातायात का दबाव कम करना है। इससे नेहरू प्लेस, ओखला और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
लोनी रोड अंडरपास से लोनी, शाहदरा आवागमन होगा सुगम
लोनी रोड गोल चक्कर पर चार लेन के अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके बनने से लोनी की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को गोल चक्कर पर रुकने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही लोनी और शाहदरा के बीच आवागमन अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
यमुना पर एक्स्ट्रा डोज्ड डिजाइन का पुल है बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत यमुना पर बनाया गया एक्स्ट्रा-डोज्ड डिजाइन का पुल है। इस डिजाइन में पुल के मुख्य गर्डर को ऊपर से केबल के जरिये अतिरिक्त सहारा दिया गया है। यमुना के सक्रिय बहाव वाले हिस्से में लंबे स्पैन रखने से नदी के भीतर पिलर की जरूरत कम रखने में मदद मिलती है। परियोजना की संशोधित लागत 1,635.03 करोड़ रुपये है।
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में साइकिल के लिए एक अलग से ट्रैक बनाया गया है। जाम लगने के दौरान भी साइकिल सवार आराम से अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में करीब 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है। हालांकि, लूप का मिला लें तो 4.50 किलोमीटर की यह रोड है। यह मयूर विहार फेज-1 से शुरू होकर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़ रहा है। खास बात यह है कि इस 3.5 किलोमीटर के लंबे एलिवेटेड रोड की मदद से वाहन चालक कुल नौ किलोमीटर का सिग्नल फ्री यात्रा कर सकेंगे। इसके चालू होने से पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की ओर सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। मयूर विहार से एम्स तक पीक आवर्स में यात्रा का समय करीब 30-35 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट होने का अनुमान लगाया गया है।
यमुना पर लंबा स्पैन
परियोजना के यमुना हिस्से में एक्स्ट्रा-डोज्ड का इस्तेमाल किया गया है। यहां करीब 125 मीटर के लंबे स्पैन रखे गए हैं। लंबे स्पैन के कारण नदी के बहाव क्षेत्र का इस संरचना पर प्रभाव सीमित करता है। पुल के निर्माण की योजना में यमुना के नदी तल को कम से कम प्रभावित करने पर जोर दिया गया था।
आठ लूप से कई दिशाओं में आवाजाही
तीन लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर में आठ लूप बनाए गए हैं। चार सराय काले खां और चार मयूर विहार की ओर। इससे अलग-अलग दिशाओं में आने-जाने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिलेगी। कॉरिडोर में समर्पित साइकिल ट्रैक भी बनाया गया है।
परियोजना के चालू होने से रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 के साथ सराय काले खां क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह सराय काले खां के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंच को भी बेहतर करेगा। अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर से रोजाना करीब दो टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान है।
क्या है एक्स्ट्रा-डोज्ड डिजाइन
इस तकनीक में पुल के डेक को ऊपर लगे छोटे पाइलन और उनसे जुड़े केबल अतिरिक्त सहारा देते हैं। इससे लंबे स्पैन तैयार किए जा सकते हैं और सामान्य पुल की तुलना में नदी या सड़क के बीच सपोर्ट की जरूरत कम हो सकती है।
बारापुला ने बढ़ाई तीन एक्सप्रेसवे की नजदीकी
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 के खुलने से दिल्ली की सड़क कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिला है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। इसके शुरू होने से दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन आसान होगा। एक एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन चालक बिना ट्रैफिक सिग्नल और घुमावदार रास्तों से गुजरे दूसरे एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे। इससे पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर का सबसे अधिक फायदा मयूर विहार फेज-1 से आईएनए के बीच सफर करने वालों को मिलेगा। वे बारापुला एलिवेटेड रोड के तीनों चरणों से होते हुए सिग्नल फ्री रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। इससे निजामुद्दीन और सराय काले खां के व्यस्त मार्गों पर निर्भरता कम हो सकती है।












