लखनऊ: टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से लखनऊ के होटल ताज में आयोजित ‘9 ईयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी’ कॉन्क्लेव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 2017 में जब राज्य में उनकी पहली सरकार आई थी तो कैसे उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से उबारकर देश का ग्रोथ एंजिन बनाने की तैयारी की गई थी।
उत्तर प्रदेश ‘प्रश्न प्रदेश’ बना दिया गया था
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, आज से 9, 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को लोगों ने ‘प्रश्न प्रदेश’ बना दिया था। नौजवानों के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहा था, किसान आत्महत्या कर रहा था, पर्व त्यौहार पर उत्सव नहीं उपद्रव शुरू हो जाते थे। गुंडागर्दी चरम पर थी, सरकार के समानांतर माफिया, गुंडे सत्ता का संचालन करते थे। नियुक्ति में कोई पारदर्शिता नहीं थी, भाई-भतीजावाद था। बिजली नहीं थी, सड़कें नहीं थीं। परंपरागत उद्यम दम तोड़ रहे थे, सरकार की न कोई पॉलिसी थी, न नीयत थी, न ही नीति ही थी।
उन्होंने कहा कि, इसका परिणाम क्या होता? उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनना ही था। किसान की लागत ज्यादा थी, उत्पादन कम था। न तकनीक थी न बिजली थी। बीज नहीं था, बाजार नहीं था, किसान के सामने आत्महत्या के सिवाय कुछ बचता ही नहीं था। कोई दूसरा रोजगार नहीं था।
कैसे बदला उत्तर प्रदेश का भविष्य?
मुख्यमंत्री ने कहा कि, अराजकता, निराशा, असुरक्षा भरे उस माहौल में 2017 में प्रधानमंत्री मोदी जी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के लोगों ने डबल इंजन की सरकार बनाने का आशीर्वाद दिया। सरकार जब बनी तो हमने एक महीने तक एक ही काम किया। मैं मंत्रिमंडल के सहयोगियों को शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक बिठाता था। केवल दो मुद्दों पर चर्चा करते थे, विभागों के प्रजेंटेशन होते थे, चर्चा होती थी, कार्ययोजना बनती थी। लोगों को यह समझ नहीं आता था कि क्या हो रहा है। उन्हें नहीं पता था कि इस प्रजेंटेशन, कार्ययोजना में छिपा हुआ है नए उत्तर प्रदेश का भविष्य, जो अब बीमारू राज्य से नए भारत के ग्रोथ एंजिन की नई यात्रा को प्रारंभ करने वाला है।
अब विकास कुछ शहरों तक ही सीमित नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, अब विकास केवल लखनऊ,वाराणसी, गोरखपुर तक ही सीमित नहीं है। विकास अब सभी 75 जनपदों में एक साथ चलता है। बिजली केवल लखनऊ, प्रयागराज या किसी एक जनपद में नहीं, बल्कि सभी 75 जनपदों में और सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों में समान रूप से मिलती है, कोई भेदभाव नहीं होता।
अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस
उन्होंने कहा कि, उत्तरप्रदेश के अंदर विकास का पैमाना व्यक्ति, जाति, मत, मजहब, क्षेत्र, भाषा नहीं है, उसका आधार सबका साथ, सबके विकास का है। उसका मंत्र यही है कि हम विकास सबका करेंगे, लेकिन उत्तरप्रदेश को बर्बाद करने वाली तुष्टिकरण की नीति से हम उतनी ही दूरी भी बनाएंगे। अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति जो हमने पहले दिन अपनाई थी, वह लगातार जारी है। भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति आज भी जारी है।
500 साल पहले भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, अगर मैं कहूं कि भारत आज से 500 वर्ष पहले तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, तो लोगों को लगेगा कि गलत बोल रहा हूं, लेकिन यह सच था। आज से 500 वर्ष से 1500 वर्ष पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी लगभग 44 से 45 फीसदी थी। लगातार लंबे समय तक यह बना रहा। कारण क्या था? जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जब सामूहिकता देखने को मिलती है, जब सभी व्यवस्थाएं एक-दूसरे के साथ समन्वय करके आगे बढ़ती हैं तो उसके बेहतर परिणाम भी आते हैं।
उन्होंने कहा कि, भारत के अंदर दुनिया की सबसे अच्छी लैंड और जल संसाधन थे। अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार की परंपरागत खेती होती थी। यानी पेट भरने के पर्याप्त संसाधन थे। भारत की बड़ी आबादी प्राचीन काल से ही खेती किसानी पर निर्भर थी।










