सहारनपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को निर्धारित समय से करीब सवा घंटे की देरी से सहारनपुर पहुंचे और यहां से प्रदेशव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के दूसरे चरण का शुभारंभ किया. सरसावा एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद वह सीधे जनता रोड स्थित महाराज सिंह डिग्री कॉलेज मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने अभियान का शुभारंभ करने के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया.
लगातार बारिश के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही. प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए थे.
शिक्षा ही है भविष्य निर्माण की आधारशिला: अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा ही अच्छे नागरिक, शिक्षक, अधिकारी, चिकित्सक, इंजीनियर और जनप्रतिनिधि तैयार करती है. शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की आधारशिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज दिखाई दे रहे हैं.
‘ऑपरेशन कायाकल्प’ से बदली स्कूलों की सूरत: सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद के केवल 36 प्रतिशत विद्यालयों में ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं. अधिकांश स्कूलों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, मिड-डे मील के लिए रसोईघर और चारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था.
इस स्थिति को बदलने के लिए सरकार ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ शुरू किया, जिसके तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाज के सहयोग से विद्यालयों का व्यापक कायाकल्प किया गया. उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय के लिए अलग-अलग बालक एवं बालिका शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, मिड-डे मील की समुचित व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मानक तय किए गए हैं.
अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील: सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को मजबूत बना सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं जाता है तो यह केवल उसके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की क्षति है. आज का विद्यार्थी ही भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी बनेगा, इसलिए प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना पूरे समाज का राष्ट्रीय दायित्व है. उन्होंने सहारनपुर के सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से ‘स्कूल चलो अभियान’ को जनआंदोलन बनाने की अपील की.
स्मार्ट क्लास और तकनीक से जुड़ा बुनियादी ढांचा: साथ ही विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रवेश लेने वाले प्रत्येक बच्चे को समय पर यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है. बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, ताकि वे भी मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़कर अपने सपनों को साकार कर सकें.












