लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभी से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. वर्ष 2017 में 312 सीटें जीतने वाली बीजेपी को 2022 के विधानसभा चुनाव में 18 जिलों में हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने भी पार्टी को नए सिरे से रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है. इसी कड़ी में भाजपा ने अब राज्य के चार प्रमुख मंडलों-सहारनपुर, मुरादाबाद, अयोध्या और आजमगढ़ के लिए एक विशेष प्लान तैयार किया है.
कमजोर क्षेत्रों में केंद्रीय और राज्य स्तर के नेताओं की होगी तैनाती
बीजेपी अब सहारनपुर, मुरादाबाद, अयोध्या और आजमगढ़ मंडलों पर खास तौर पर ध्यान दे रही है. इन क्षेत्रों में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं का प्रवास बढ़ाया जाएगा. हारे हुए क्षेत्रों में मंत्रियों और संगठनात्मक नेताओं को तैनात करने की तैयारी चल रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन चारों मंडलों में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई जा रही है.
समीक्षा और रणनीति
जमीनी स्तर पर स्थानीय मुद्दों की पहचान कर विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जनता का भरोसा फिर से जीता जा सके.
वोटरों का मनोविज्ञान समझकर बन रहा रोडमैप-अवनीश त्यागी
भाजपा प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने बताया कि पार्टी हारे हुए क्षेत्रों में मतदाताओं के मनोविज्ञान और उनकी अपेक्षाओं को बारीकी से समझ रही है. इसके लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है. आने वाले समय में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से तेज-तर्रार वक्ताओं और कार्यकर्ताओं को तराशा जाएगा, जिन्हें प्रचार की अग्रिम पंक्ति की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
2027 का विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है, और पार्टी किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रही है.












