news
Saturday, June 20, 2026
  • Home
    • Home
    • Special Story
  • Politics
  • Bureaucracy
  • National
    • Delhi
    • Uttar Pradesh
    • Bihar
    • Punjab
  • Buzz
  • Opinion
  • Economy
  • Diplomacy
  • International
  • Curated
news
  • Home
    • Home
    • Special Story
  • Politics
  • Bureaucracy
  • National
    • Delhi
    • Uttar Pradesh
    • Bihar
    • Punjab
  • Buzz
  • Opinion
  • Economy
  • Diplomacy
  • International
  • Curated
No Result
View All Result
news
Home Uttar Pradesh

योगी के गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की जयंती: संत जिनके जीवन का दो ही मिशन था, बहुसंख्यक समाज की एका और राममंदिर का निर्माण

by National Agenda
May 19, 2026
in Uttar Pradesh
0
योगी के गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की जयंती
0
SHARES
Share on WhatsappShare on FacebookShare on X

लखनऊ। गोरक्षपीठाधीश्वर एवम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की आज 107 वीं जयंती है। राष्ट्र संत मंहत अवेद्यनाथ स्मृति ग्रंथ नाम से लिखी एक पुस्तक में उनका जन्मदिन 18 मई 1919 ही बताया गया है।

प्रारंभिक जीवन

महंत अवेद्यनाथ का जन्म 28 मई 1921 को गढ़वाल (उत्तरांचल) जिले के कांडी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम राय सिंह विष्ट था। अपने पिता के वे इकलौते पुत्र थे। उनके बचपन का नाम कृपाल सिंह विष्ट था। नाथ परंपरा में दीक्षित होने के बाद वे अवेद्यनाथ हो गए।

जिसे सबका नाथ बनाना होता, उसे भगवान अनाथ बना देता

कहा जाता है कि,ईश्वर जिसको सबका नाथ बनाना चाहता है,परीक्षा के लिए उसे बचपन में अनाथ बना देता है। कृपाल सिंह के साथ भी यही हुआ। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया। कुछ बड़े हुए तो पाल्य दादी नहीं रहीं। इसके बाद उनका मन विरक्त हो गया।

ऋषिकेश में सन्यासियों के सत्संग से हिंदू धर्म, दर्शन, संस्कृत और संस्कृति के प्रति रुचि जगी तो शांति की तलाश में केदारनाथ, ब्रदीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और कैलाश मानसरोवर की यात्रा की। वापसी में हैजा होने पर साथी उनको मृत समझ आगे बढ़ गए। ठीक हुए तो मन और विरक्त हो उठा।

इसके बाद नाथ पंथ के जानकार योगी निवृत्तिनाथ, अक्षयकुमार बनर्जी और गोरक्षपीठ के सिद्ध महंत रहे गंभीरनाथ के शिष्य योगी शांतिनाथ से भेंट (1940) हुई। निवृत्तनाथ द्वारा ही उनकी मुलाकात तबके गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ से हुई।

पहली मुलाकात में में उन्होंने शिष्य बनने के प्रति अनिच्छा जताई। कुछ दिन करांची में एक सेठ के यहां रहे। सेठ की उपेक्षा के बाद शांतिनाथ की सलाह पर वह गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ में आकर नाथपंथ में दीक्षित हुए।

मीनाक्षीपुरम के धर्मांतरण की घटना से आहत होकर राजनीति में आए ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ मूलतः धर्माचार्य। वह देश के संत समाज में बेहद सम्मानीय एवं सर्वस्वीकार्य थे। दक्षिण भारत के रामनाथपुरम मीनाक्षीपुरम में हरिजनों के सामूहिक धर्मांतरण की घटना से वह खासे आहत हुए थे। इसका विस्तार उत्तर भारत में न हो इसके लिए वे सक्रिय राजनीति में आए।

चार बार सांसद, पांच बार रहे विधायक उन्होंने चार बार (1969, 19 89, 1091 और 1996) गोरखपुर सदर संसदीय सीट से यहां के लोगों का प्रतिनिधित्व किया। अंतिम लोकसभा चुनाव को छोड़ उन्होंने सभी चुनाव हिंदू महासभा के बैनर तले लड़ा। लोकसभा के अलावा उन्होंने पैन बार (1962, 1967,19 69,19 74 और 1977) में मानीराम विधानसभा का भी प्रतिनिधित्व किया था।

वह मंदिर आंदोलन के शीर्ष नेताओं में शुमार थे

1984 में शुरु रामजन्म भूमि मुक्ति यज्ञ समिति के शीर्षस्थ नेताओं में शुमार श्री रामजन्म भूमि यज्ञ समिति के अध्यक्ष व रामजन्म भूमि न्यास समिति के आजीवन सदस्य रहे। योग व दर्शन के मर्मज्ञ महंतजी के राजनीति में आने का मकसद हिंदू समाज की कुरीतियों को दूर करना और राम मंदिर आंदोलन को गति देना रहा है।

बहुसंख्यक समाज को एका का संदेश देने के लिए काशी के डोमराजा के घर भोजन किया बहुसंख्यक समाज को जोड़ने के लिए सहभोजों के क्रम में उन्होंने बनारस में संतों के साथ डोमराजा के घर सहभोज किया। महंत अवेद्यनाथ ने वाराणसी व हरिद्वार में संस्कृत का अध्ययन किया है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं के अध्यक्ष व मासिक पत्रिका योगवाणी के संपादक भी रहे।

बड़े महाराज का अंतिम 10 वर्ष का जीवन चमत्कार था

विज्ञान के इस युग में संभव है आप यकीन न करें। पर बात मुकम्मल सच है। 10 साल पहले (12 सितंबर 2014 ) गोरक्षपीठ के महंत अवेद्यनाथ का ब्रह्म्लीन होना सामान्य नहीं, बल्कि इच्छा मृत्यु जैसी घटना थी।

चिकित्सकों के मुताबिक उनकी मौत तो 2001 में तभी हो जानी चाहिए थी, जब वे पैंक्रियाज के कैंसर से पीड़ित थे। उम्र और आपरेशन के बाद ऐसे मामलों में लोगों के बचने की संभावना सिर्फ 5 फीसद होती है। इसी का हवाला देकर उस समय दिल्ली के एक नामी डाक्टर ने आपरेशन करने से मना कर दिया था।

बाद में आपरेशन के लिए तैयार हुए तो यह भी कहा कि ऑपरेशन सफल रहा तो भी बची जिंदगी मुश्किल से 3 वर्ष की होगी। पर बड़े महराजजी उसके बाद 14 वर्ष तक जीवित रहे। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर अक्सर पीठ के उत्तराधिकारी (अब पीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ से फोन पर बड़े महाराज का हाल-चाल पूछते थे।

यह बताने पर की उनका स्वास्थ्य बेहतर है, हैरत भी जताते थे। बकौल योगी यह गुरुदेव के योग का ही चमत्कार था। उनका सपना अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण और बहुसंख्य हिंदू समाज की एकता थी। अपने समय में उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पीठ के शैक्षिक और सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध किया।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और लोककल्याण को सर्वोपरि माना। उनकी धार्मिक चेतना का पूर्वांचल खासकर गोरखपुर के लोगों के दिलो दिमाग पर गहरा असर है। एक तरीके से यह गोरखपुर की अधक्षीय पीठ है। इसका हर निर्णय यहां के लोगों को सर्वमान्य होता है। गोरखनाथ मंदिर की वर्तमान भव्यता, शानदार वास्तुशिल्प उनकी ही देन है।

राम मंदिर आंदोलन के प्राण थे ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ

वह सितंबर 12, 2014 को ब्रह्मलीन हुए थे। तब अपने शोक संदेश में राम मंदिर आंदोलन के शिखरतम लोगों में शुमार विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक स्वर्गीय अशोक सिंघल ने कहा था, “वह श्री रामजन्म भूमि के प्राण थे। सबको साथ लेकर चलने की उनमें विलक्षण प्रतिभा थी। उसी के परिणाम स्वरूप श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के साथ सभी संप्रदायों, दार्शनिक परम्पराओं के संत जुड़ते चले गए”। इससे साबित होता है कि उनका कद और संत समाज में उनकी स्वीकार्यता क्या थी।

वाकई वह राम मंदिर आंदोलन के प्राण थे। राम मंदिर उनके प्राणों में बसता था। अयोध्या में रामलला की जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर बने यह उनका सपना था। ऐसा सपना जो उनके दिलो दिमाग पर ता उम्र अमिट रूप से चस्पा हो गया था। वह चाह रहे थे कि उनके जीते जी वहां भव्य राम मंदिर बन जाए।

पर दैव की मर्जी के आगे किसकी चलती? लेकिन गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है की आत्मा अजर अमर होती है। यकीनन बड़े महाराज की आत्मा अयोध्या में अपने सपनों का राम मंदिर बनते देख बेहद खुश होगी। तब तो और भी जब तीन पीढ़ियों के संघर्ष के बाद यह काम उनके ही शिष्य मौजूदा गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ही देख रेख में उनके पूज्य गुरुदेव की इच्छा के अनुसार न केवल जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बना,बल्कि पूरे अयोध्या का कायाकल्प हो गया।

  • Trending
  • Comments
  • Latest
cm yogi

मेक इन इंडिया को मिलेगी रफ़्तार, लखनऊ में लगेगी देश की अत्याधुनिक गोला-बारूद फैक्टरी

May 6, 2026
cm yogi

आईजीआरएस बना जनता की आवाज, योगी सरकार में शिकायतों का तेज निस्तारण

May 19, 2026
cm yogi

यूपी को अब स्वाद के मामले में मिलेगी नई पहचान, जानिए क्या है ODOC योजना

May 7, 2026
बीमारू राज्य से औद्योगिक क्रांति तक: CM योगी ने कैसे बदली UP की तस्वीर

‘जिम जिहाद’ केस में CM योगी के निर्देश पर बड़ा एक्शन, आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट

May 19, 2026
cm yogi

मेक इन इंडिया को मिलेगी रफ़्तार, लखनऊ में लगेगी देश की अत्याधुनिक गोला-बारूद फैक्टरी

up rera

यूपी रेरा का बड़ा फैसला, अब सिर्फ ₹1000 में होगा फ्लैट ट्रांसफर

cm yogi

1.43 लाख शिक्षामित्रों ट्रिपल तोहफा: सैलरी और कैशलेस इलाज की सुविधा के साथ मिलेगा जीवन बीमा कवर

दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया ‘हीट एक्शन प्लान’, 13 जिलों में तैनात स्पेशल वैन

बीमारू राज्य से औद्योगिक क्रांति तक: CM योगी ने कैसे बदली UP की तस्वीर

विकसित भारत रोजगार योजना में 70 लाख लोगों को मिली नौकरियां, डीबीटी से पैसे होंगे ट्रांसफर

June 19, 2026
money

भारतीय रुपए ने दिखाया दम, आगे भी डॉलर को देगा पछाड़

June 19, 2026
smart transportation services

UP : RTO के चक्कर हुए कम! स्मार्ट परिवहन सेवाओं से कैसे बदला सिस्टम?

June 19, 2026
pm modi

रोजगार मेला नए भारत की पहचान, PM मोदी ने गिनाईं PM-VBRY की उपलब्धियां

June 19, 2026

Recent News

बीमारू राज्य से औद्योगिक क्रांति तक: CM योगी ने कैसे बदली UP की तस्वीर

विकसित भारत रोजगार योजना में 70 लाख लोगों को मिली नौकरियां, डीबीटी से पैसे होंगे ट्रांसफर

June 19, 2026
money

भारतीय रुपए ने दिखाया दम, आगे भी डॉलर को देगा पछाड़

June 19, 2026

Categories

  • Bihar
  • Bureaucracy
  • Buzz
  • Delhi
  • Diplomacy
  • Economy
  • International
  • National
  • Opinion
  • Politics
  • Punjab
  • Special Story
  • Uncategory
  • Uttar Pradesh

Site Navigation

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer Policy
  • Terms and Conditions
  • Advertisement
  • Contact Us
news

nationalAgenda is an independent website covering news, politics, sports, culture and everything in between. Get the latest news, reportage, analysis & exclusive information.

Contact Us :- info@nationalagenda.in

© 2025 nationalAgenda - Check out the latest news from India and around the world Era.

No Result
View All Result
  • Home
  • Politics
  • Bureaucracy
  • National
    • Delhi
    • Uttar Pradesh
    • Bihar
    • Punjab
  • Buzz
  • Opinion
  • Economy
  • Diplomacy
  • International
  • Curated

© 2025 nationalAgenda - Check out the latest news from India and around the world Era.