नई दिल्ली: मोदी है तो मुमकिन है… ये बात यूं ही नहीं कही जाती बल्कि इसमें एक सच्चाई भी है. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बीजेपी ने जिस तरह से ऊंचाइयों को छुआ है, ये बात किसी से छिपी नहीं है. उदाहरण के लिए आपके सामने पश्चिम बंगाल है, जहां आजादी के बाद पहली बार बीजेपी की सरकार बनी और राज्य भगवा रंग में रंग गया. शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से बीजेपी ने 9 राज्यों में पहली बार मुख्यमंत्री बनाए हैं. इसे मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व ही कहेंगे, जहां पार्टी लगातार बुलंदियों पर पहुंच कर अपनी जीत का परचम लहरा रही है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत ने देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दर्ज कर दिया है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल पुराने शासन का अंत करते हुए बीजेपी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई. 294 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है.
9 राज्यों में पहली बार बीजेपी के सीएम
इस जीत के साथ ही बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद ऐसे 9 राज्यों में पहली बार मुख्यमंत्री पद हासिल किया है, जहां पहले कभी पार्टी का मुख्यमंत्री नहीं रहा था. इस यात्रा की शुरुआत 2014 में हरियाणा और महाराष्ट्र से हुई, उसके बाद असम (2016), अरुणाचल प्रदेश (2016), मणिपुर (2017), त्रिपुरा (2018), ओडिशा (2024), बिहार (2026) और अब पश्चिम बंगाल भी इसमें शामिल हो गया. इसे बीजेपी के राजनीतिक विस्तार के सबसे बड़े दौर के रूप में देखा जा रहा है.
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हरियाणा और महाराष्ट्र से हुई शुरुआत
2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद बीजेपी ने सबसे पहले हरियाणा और महाराष्ट्र में नई राजनीतिक जमीन तैयार की. हरियाणा में पार्टी ने पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई और मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया गया. यह राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव था क्योंकि इससे पहले बीजेपी कभी अपने बलबूते राज्य की सत्ता तक नहीं पहुंची थी.
इसी साल महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. बाद में सहयोगी दलों के साथ महायुति गठबंधन बनाकर सरकार बनाई गई और देवेंद्र फडणवीस राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने. इन दोनों राज्यों की जीत ने बीजेपी को और भी ज्यादा मजबूती दी. लोगों में पार्टी पर भरोसा और भी बढ़ा.
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असम में पहली बार बनी बीजेपी सरकार
2016 बीजेपी के लिए पूर्वोत्तर भारत में ऐतिहासिक साल साबित हुआ. पार्टी ने असम में पहली बार सरकार बनाई और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने. यह पूर्वोत्तर में बीजेपी की पहली बड़ी चुनावी सफलता थी. इसके बाद बीजेपी ने असम में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की और दो बार फिर सत्ता में वापसी की. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर अपनी पकड़ कायम रखी.
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अरुणाचल प्रदेश में भी चला मोदी का जादू
उसी साल अरुणाचल प्रदेश में भी बीजेपी ने राजनीतिक समीकरणों के जरिए पहली स्थायी सरकार बनाई. कांग्रेस नेता पेमा खांडू पहले पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) में गए और बाद में अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए. इससे बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला और राज्य में पार्टी की पहली स्थिर सरकार बनी. हालांकि अरुणाचल प्रदेश में 2003 में गेगोंग अपांग के नेतृत्व में बीजेपी समर्थित सरकार बनी थी, लेकिन वह केवल 44 दिन ही चल पाई थी.
2017 में मणिपुर में सरकार बनाई
2017 में बीजेपी ने मणिपुर में चुनाव बाद गठबंधन बनाकर सरकार बनाई. पार्टी ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP), नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया और उनके समर्थन से एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री बने. यह मणिपुर में बीजेपी की पहली सरकार थी.
त्रिपुरा में बिप्लब कुमार बने सीएम
2018 में, बीजेपी ने त्रिपुरा में वाम मोर्चा के दशकों पुराने शासन को समाप्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में पार्टी ने पहली बार राज्य की सत्ता संभाली.त्रिपुरा की जीत को बीजेपी के लिए वैचारिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी सफलता माना गया, क्योंकि यह राज्य लंबे समय तक वामपंथ का मजबूत गढ़ रहा था.
ओडिशा में BJD के शासन का अंत
बीजेपी ने 2024 में पूर्वी भारत में एक और बड़ी सफलता हासिल की, जब उसने ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) को सत्ता से बेदखल कर दिया. नवीन पटनायक के 24 साल पुराने शासन का अंत करते हुए मोहन चरण माझी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने.
बिहार में बीजेपी का सीएम
इसके बाद बिहार में भी पार्टी ने नया इतिहास रचा. बिहार में बीजेपी लंबे समय से नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकारों का हिस्सा रही है, लेकिन 2026 तक मुख्यमंत्री पद उसके पास कभी नहीं रहा. 2026 में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद बीजेपी ने सम्राट चौधरी को राज्य का पहला बीजेपी मुख्यमंत्री बनाया.इस तरह बिहार में भी बीजेपी ने पहली बार शीर्ष नेतृत्व अपने हाथ में लिया.
बंगाल में रचा इतिहास
पश्चिम बंगाल में हुए हालिया चुनावों में जीत के साथ, बीजेपी ने उस राज्य में सरकार बना ली है जिसे लंबे समय से पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से दुर्गम माना जाता था. बीजेपी ने 294 विधानसभा सीटों में से 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की. पहले यहां वाम मोर्चे का दबदबा था और बाद में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने लगातार 15 सालों तक सत्ता संभाली.
207 सीटों पर शानदार जीत
लेकिन इस बार बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 207 सीटें जीत लीं. यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में सत्ता संतुलन का बड़ा परिवर्तन भी माना जा रहा है. बीजेपी ने बंगाल में राष्ट्रवाद, विकास, भ्रष्टाचार विरोध और संगठनात्मक मजबूती के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत की, जिसका फायदा उसे चुनाव परिणामों में मिला.











