अमेठी: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आपदा में बेहद मददगार है. कृषि विभाग ने के अनुसार, बीमित फसल में नुकसान होने पर किसान घटना के 72 घंटे के भीतर क्षति की सूचना दर्ज कराएं. विभाग द्वारा नियमानुसार सर्वे एवं दावा प्रक्रिया पूरी कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाता है. किसानों को कृषि रक्षक हेल्पलाइन और पीएम फसल बीमा योजना के व्हाट्सएप चैटबॉट समेत अन्य माध्यम से भी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं.
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि किसान भाइयों से अपील है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति की स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर सूचना दर्ज कराना आवश्यक है. इससे पात्र किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा.
उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को नुकसान होने पर किसान क्षति की सूचना दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को आगामी 14 दिनों के भीतर ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा या बेमौसम बारिश से क्षति होने की स्थिति में भी योजना के तहत दावा किया जा सकता है.
किसान कैसे करें शिकायत: फसल नुकसान के आकलन और दावों के निपटारे में मदद के लिए डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है. किसान फसल नुकसान की सूचना कृषि रक्षक पोर्टल, टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 या पीएम फसल बीमा योजना के व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 पर दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा संबंधित बीमा कंपनी, बैंक शाखा अथवा कृषि विभाग के माध्यम से भी सूचना दी जा सकती है.
कैसे काम करती है योजना: इस योजना में किसान प्रीमियम का निर्धारित हिस्सा देते हैं, जबकि शेष पात्र प्रीमियम पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. बीमा कवरेज और अधिसूचित फसलें राज्य, मौसम और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं. उत्तर प्रदेश सरकार योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित मौसम के लिए फसलों और क्षेत्रों को अधिसूचित करती है.
72 घंटे के अंदर दें सूचना: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार फसल क्षति की सूचना घटना के 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है. सूचना दर्ज कराते समय किसान अपना नाम, मोबाइल नंबर, बीमित फसल का विवरण, प्रभावित क्षेत्र, सर्वे नंबर, पीएमएफबीवाई आवेदन संख्या और बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं.
जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी बीमित किसानों से अपील की है कि फसल क्षति होने की स्थिति में बिना विलंब निर्धारित माध्यमों से सूचना दर्ज कराकर योजना का लाभ प्राप्त करें. प्राकृतिक आपदा में किसानों की सूचना पर पारदर्शी व्यवस्था के अनुरूप जांच कर उनकी फसल से हुए नुकसान का वास्तविक क्षति पूर्ति की जाएगी.












