लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान विधायक आलम बदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. नेता सदन के रूप में उन्होंने कहा कि 90 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद आलम बदी की राजनीतिक सक्रियता हर जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा थी. सीएम योगी ने कहा कि उनका लगातार निर्वाचित होना इस बात का प्रमाण है कि यदि जनप्रतिनिधि जनता और अपने क्षेत्र के प्रति पूरी निष्ठा से समर्पित रहे तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती.
पांच बार विधायक, सादगी और जनसेवा की पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आलम बदी का 23 जुलाई को निधन हो गया था. आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से वे पांच बार विधायक चुने गए और वर्तमान विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य थे. 1996 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी जीत दर्ज की. विधानसभा की विभिन्न समितियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आलम बदी वर्तमान में आचार समिति के सदस्य भी थे. उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में क्षेत्र के बुनियादी मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया.
‘गरीबों की आवाज और बेदाग छवि वाले नेता थे’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आलम बदी सरल, विनम्र और जनसामान्य से जुड़े जनप्रिय नेता थे. उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी पहचान सादगी और बेदाग छवि वाले नेता के रूप में थी. गरीब, वंचित और पिछड़े वर्ग के उत्थान, शिक्षा के प्रसार तथा सामाजिक कार्यों में उनकी विशेष रुचि थी. उन्होंने कहा कि व्यवहार कुशल और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में आलम बदी हमेशा जनता के कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहे. उनके निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी राजनीतिज्ञ और समाजसेवी को खो दिया है.












