नई दिल्ली: नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है. मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (MCC) ने छात्रों के लिए एडमिशन प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान बनाने के उद्देश्य से कई नए नियम लागू किए हैं. अब सीट अपग्रेडेशन चाहने वाले छात्रों को बार-बार मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने होंगे. पहली बार रिपोर्टिंग के बाद आगे की अधिकांश औपचारिकताएं ऑनलाइन की जा सकेंगी.
केंद्र सरकार के नए फैसले के तहत उम्मीदवारों को केवल एक बार ही संबंधित मेडिकल कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी. इसके बाद अगर छात्र अगले राउंड में बेहतर सीट के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो उन्हें दोबारा कॉलेज जाकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऑनलाइन डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन के जरिए वह अपनी मौजूदा सीट सुरक्षित रखते हुए काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल रह सकेंगे.
एक बार ही करनी होगी फिजिकल रिपोर्टिंग
नई व्यवस्था के अनुसार, पहले या दूसरे राउंड में सीट मिलने के बाद अगर कोई उम्मीदवार फ्लोट ऑप्शन चुनता है, तो वह ऑनलाइन डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन पूरा कर अपनी सीट सुरक्षित रख सकता है. अगले राउंड में बेहतर सीट मिल जाती है, तो पुरानी सीट स्वत ही खाली हो जाएगी और दूसरे उम्मीदवारों को आवंटित कर दी जाएगी. अगर बेहतर सीट नहीं मिलती है तो पहले से आवंटित सीट बरकरार रहेगी. हालांकि जो उम्मीदवार तीसरे राउंड के बाद सीट फ्रीज करेंगे, उन्हें अंतिम एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए संस्थान में एक बार फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी. इस दौरान मूल डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन और फीस जमा करने जैसी औपचारिकताएं पूरी की जाएगी.
ऑनलाइन होगा विड्रॉल और NRI डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
एमसीसी ने काउंसलिंग प्रक्रिया में ऑनलाइन रिजर्वेशन की सुविधा भी शुरू की है. अब उम्मीदवार अपनी आवंटित सीट छोड़ने के लिए संबंधित संस्थान जाने के बजाय एमसीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा NRI कैटेगरी के उम्मीदवारों को भी राहत मिली है. पहले अतिरिक्त पात्रता संबंधी दस्तावेज ईमेल के माध्यम से भेजे जाते थे, इससे कई बार देरी और तकनीकी समस्या आती थी. लेकिन अब इन डॉक्यूमेंट को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज और आसान होगी.
काउंसलिंग प्रक्रिया भी होगी ज्यादा पारदर्शी
सरकार ने इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार भी किया. इसमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से प्राप्त उम्मीदवारों के प्री-पॉपुलेटेड डेटा, नेशनल चिकित्सा आयोग (NMC) की ओर से सत्यापित सीट मैट्रिक्स, ऑनलाइन डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से तैयार साइबर सुरक्षा व्यवस्था को शामिल किया गया है.
24*7 हेल्पलाइन और शिकायत के लिए ईमेल भी जारी
काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों की सहायता के लिए 24 घंटे टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-102-7637 उपलब्ध कराई गई है. वहीं किसी भी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए उम्मीदवार mcc2026@government.in पर ईमेल भी भेज सकते हैं
PwBD उम्मीदवारों के लिए बढ़ाई सुविधा
पीडब्ल्यूबीडी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. देशभर में उनके मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़कर 61 कर दी गई है. इसके साथ ही संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत अपीलीय दिव्यांगता मूल्यांकन बोर्ड की व्यवस्था भी लागू की गई, ताकि पात्रों उम्मीदवारों को समय पर सहायता मिल सके.












