नई दिल्ली। सिर दर्द से लेकर बुखार तक के लिए लोगों को ठीक होने के लिए दवा की जरूरत पड़ती है. अक्सर देखा गया है कि एक ही दवा किसी मेडिकल स्टोर पर कुछ कीमत पर मिलती है तो किसी पर कुछ कीमत पर. इसके अलावा ऑनलाइन और ऑफलाइन दवा की कीमतों में भी काफी अंतर देखने को मिलता है. साथ ही कई बार लोग दवा के लिए ज्यादा पैसे दे देते हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे ऐप के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर आपको दवा की सही कीमत और उसकी सारी जानकारी मिल जाएगी.
क्या है Pharma Sahi Daam
जानकारी के अनुसार, Pharma Sahi Daam केंद्र सरकार के राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा तैयार किया गया एक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप है. बता दें कि इस ऐप का मकसद दवाओं को उसकी सही कीमत पर बेचना है और लोगों के साथ होने वाली ठगी को कम करना है. कई बार देखा गया है कि मेडिकल स्टोर दवाओं को मनमानी कीमत पर बेचने लगते हैं. इसी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस ऐप को पेश किया है जिससे माना जा रहा है कि लोगों को काफी फायदा मिल सकता है.
कैसे चेक करें दवा की कीमत
अब आपको बता दें कि सरकार की इस सुविधा का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. इसके लिए आपको सबसे पहले NPPA के ऑफिशियल Pharma Sahi Daam पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाना होगा. इसके बाद सर्च बॉक्स में दवा या उसके ब्रांड का नाम लिखें.
दिखाई गई लिस्ट में सही दवा चुनें. इसके लिए Strength, Pack Size, Dosage Form, Composition और Manufacturer जरूर चेक करें. अब स्क्रीन पर दिखाई गई MRP को दवा के पैकेट या मेडिकल स्टोर द्वारा बताए गए दाम से मैच करें.
क्या मिलती है जानकारी
आपको बता दें कि Pharma Sahi Daam पर किसी भी दवा को खोजने पर कई जरूरी जानकारियां मिल जाती हैं जैसे
- दवा की MRP
- सेलिंग प्राइस
- Manufacturer का नाम
- दवा की ताकत
- पैक का साइज
- दवा का Composition
- उसी कंपोजिशन वाले दूसरे ब्रांड और उनकी कीमत
- इससे उपभोक्ता ये समझ सकते हैं कि एक ही दवा कई कंपनियां किस दाम पर बेच रही हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
दरअसल, दवाओं की कीमतों की तुलना करते समय केवल MRP देखना ही काफी नहीं होता है. इसके साथ ही आपको कुछ जरूरी चीजों का भी ध्यान रखना पड़ता है.
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- हमेशा एक जैसी ताकत वाली दवा की तुलना करें.
- पैक साइज एक बराबर होना चाहिए.
- दवा का Dosage Form भी समान होना चाहिए.
- Manufacturing Date को भी चेक करें क्योंकि अलग-अलग बैच पर अलग दाम लागू हो सकता है.
- अगर सेलिंग प्राइस देख रहे हैं तो टैक्स और MRP के अंतर को भी समझना जरूरी है.
क्या सस्ती दवाई खरीदनी चाहिए
अक्सर देखा गया है कि एक ही दवा को कोई कंपनी महंगी कीमत पर बेचती है तो कोई कंपनी सस्ती कीमत पर. ऐसे में लोग सस्ती कीमत वाली दवाई खरीद लेते हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या सस्ती दवाई लोगों को खरीदनी चाहिए या फिर नहीं. दरअसल, आपको बता दें कि समान कंपोजिशन वाली सस्ती दवा को बिना डॉक्टर के सलाह के लेना सही नहीं माना जाता है. ऐसा करने से बचना चाहिए.
ज्यादा कीमत वसूली जाए तो क्या करें
अब अगर किसी दवा के लिए निर्धारित सीमा से ज्यादा कीमत ली जा रही है या पैकेट पर छपी MRP से ज्यादा पैसे मांगे जा रहे हैं तो आप इसकी शिकायत भी कर सकते हैं.
Pharma Sahi Daam और Pharma Jan Samadhan प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ता ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं. हांलाकि, आपको शिकायत करते समय कुछ जरूरी जानकारी देनी पड़ती है.
- दवा का नाम
- निर्माता का नाम
- बैच नंबर
- पैकेट पर छपी MRP
- ली गई कीमत
- खरीद का बिल
- दवा के पैकेट की फोटो
शिकायत का समाधान होने तक दवा का बिल और पैकेजिंग सुरक्षित रखना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर प्रमाण के रूप में पेश किया जा सके.












