लखनऊ। यूपी में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कमर कस ली है. पार्टी का पूरा ध्यान अब जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने पर है. इसके लिए बीजेपी ने बूथ को मजबूत, चुनाव में जीत पक्की का मूलमंत्र अपनाया है. इसी रणनीति के तहत आगामी 22 जुलाई को पूरे प्रदेश में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा.
22 जुलाई को होगा विधानसभा स्तरीय बूथ सम्मेलन
चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाया है. 22 जुलाई को प्रदेश की सभी विधानसभाओं में ‘बूथ सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे. इन सम्मेलनों में उस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हर बूथ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ जुटेंगे. इस आयोजन का उद्देश्य न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरना है, बल्कि पार्टी की एकजुटता और ताकत का अहसास कराना भी है.
2.5 करोड़ सदस्यों की सूची और घर-घर पहुंच
बीजेपी ने हर घर और हर मतदाता तक अपनी पहुंच बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है. इसके लिए पार्टी अपने 2.5 करोड़ प्राथमिक सदस्यों की बूथवार लिस्ट तैयार कर रही है. इस कवायद का मुख्य मकसद यह है कि पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के हर एक वोटर से सीधा संपर्क स्थापित कर सके. प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इस बाबत स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं.
बूथों का सत्यापन और सक्रियता की जांच
पार्टी केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी अपनी सक्रियता परख रही है. वर्तमान में बूथ से लेकर मंडल स्तर तक सत्यापन का कार्य जोर-शोर से चल रहा है. प्रदेश पदाधिकारी खुद अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर प्रवास कर रहे हैं। वे यह जांच रहे हैं कि क्या बूथ स्तर के पदाधिकारी पूरी तरह सक्रिय हैं या नहीं. यदि कोई पदाधिकारी सक्रिय नहीं पाया जाता है, तो उसे तत्काल हटाने और उसकी जगह नए व सक्रिय लोगों को जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए हैं. पार्टी ने अपने पूर्व पदाधिकारियों से भी संपर्क साधने को कहा है ताकि उनके अनुभव का लाभ चुनाव में लिया जा सके.
शीर्ष नेतृत्व की सीधी निगरानी
इस पूरी रणनीति की निगरानी खुद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल कर रहे हैं. वे लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं. उनका संदेश साफ है. चुनाव में हर अभियान में सक्रिय भागीदारी जरूरी है.












