नई दिल्ली। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि दोनों युवराज आस्ट्रेलिया और यूएस घूम रहे हैं, ये किसका पैसा है? किसके पैसे पर विदेशों की यात्रा कर रहे हैं और यहां आईना दिखाकर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। वहीं, योगी ने राम मंदिर को लेकर कहा कि अयोध्या की घटना से सभी रामभक्त आहत हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक न्यूज़ चैनल में जहां राम मंदिर समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। वहीं, विपक्ष पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने सपा सरकार को घेरते हुए कहा, ‘पहले यूपी के अंदर पहले सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि किसी भी बड़े पर्व या त्योहार से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और कई जगह कर्फ्यू तक लगाना पड़ता था। आज सभी धर्मों के लोग अपने-अपने त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मना रहे हैं, यह देखकर अच्छा लगता है।’
योगी ने आगे कहा, ‘पहले उपद्रव रोकने के नाम पर कांवड़ यात्रा, शोभायात्रा, कृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर रोक लगाने की बातें होती थीं। जो लोग रामनवमी के आयोजन नहीं होने देते थे, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे भी आज आस्था की बात करते हैं।’
किसके पैसे पर आस्ट्रेलिया-यूएस का दौरा कर रहे युवराज
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसा लगता है मानो दो खानदानों ने समृद्धि पर पेटेंट करा लिया हो कि समृद्धि कैसी भी हो सिर्फ उनके हिस्से में आनी चाहिए। इन दोनों राजकुमारों का जहां जन्म लिया है। जन्म से दोनों युवराजों ने चांदी के चम्मच से खाने की आदत रही है। देर से सो कर उठकर आदत रही है। गर्मी कैसे होती है दोनों को नहीं पता है, बरसात की पीड़ा क्या होती है उनको को पता नहीं है।
क्योंकि दोनों फीफा कप का आनंद लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया गया है तो कोई यूएस की यात्रा पर गया है। ये पैसा किसका है? किसके पैसे को लेकर ये फॉरेन की यात्रा कर रहे हैं और यहां आईना दिखाकर समाज को बांटने का पाप करते हैं। जाति से जाति को लड़ाकर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न की कोशिश कर रहे हैं।
हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों ने हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाकर माहौल को विषाक्त करने का काम किया, यदि वे वास्तव में सेक्युलर होते तो किसी स्थान पर हनुमान चालीसा का पाठ भी करवाते। लेकिन उनका रवैया एकतरफा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर यह कह रहे थे कि भगवान राम और श्रीकृष्ण का अस्तित्व ही नहीं था और राम मंदिर निर्माण में हर तरह पर बाधाएं खड़ी करने का प्रयास किया।
जिन्होंने खजाना लूटा वह चढ़ावा चोरी की बात कर रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने देश के खजाने को लूटा और देश की पहचान पर संकट खड़ा किया, वही लोग आज अयोध्या में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की घटना निश्चित रूप से रामभक्तों की आस्था को आहत करने वाली थी। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने स्वतंत्र एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट ने कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और नैतिक आधार पर दो लोगों ने इस्तीफा भी दिया।
राम मंदिर से भी की आस्था आहत
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना पर कहा कि इससे सभी रामभक्तों की आस्था को आहत करती है। ट्र्स्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन भी किया। ट्रस्ट स्वतंत्र ट्रस्ट है। सरकार को उसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही ट्र्स्ट ने कार्रवाई भी शुरू की। जो लोग चोरी करते हुए और सहयोग करते हुए पकड़े गए उनकी गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा नैतिक आधार पर भी दो इस्तीफे और हुए। लेकिन उसके नाम पर अयोध्या को बदनाम को करना, श्रीरामजन्मभूमि को बदनाम करना, हिंदू आस्था पर प्रहार करना ये कहां का न्याय संगत है।












