नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग से बड़ा तोहफा मिल सकता है। दरअसल, केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित एक अहम मांग को फिलहाल टालते हुए इसे 8वें वेतन आयोग के पास भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की मांग पर मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) स्कीम में बदलाव किया जा सकता है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जिन कर्मचारियों को पहले MACP के तहत वित्तीय लाभ मिल चुका है, उन्हें बाद में नियमित प्रमोशन मिलने पर वेतन में अतिरिक्त बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिलता। अब सरकार ने इस मांग पर तत्काल फैसला लेने के बजाय इसे 8वें वेतन आयोग के विचार के लिए भेज दिया है।
सामान्य परिस्थितियों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वेतन, फंडामेंटल रूल (FR) 22(1)(a)(1) के अनुसार प्रमोशन के साथ बढ़ता है, जो वेतन निर्धारण का लाभ देता है। हालांकि, विवाद का विषय यह है कि यह पॉलिसी वर्तमान में उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होती है जिन्हें MACP स्कीम के तहत पहले ही वित्तीय अपग्रेड मिल चुका है, जब उन्हें प्रमोट किया जाता है।
तर्क यह है कि प्रमोशन नौकरी में अधिक जिम्मेदारियों के लिए अधिक वेतन का वादा करता है जबकि MACP का उद्देश्य करियर में ठहराव को दूर करना है और एक लाभ के लिए दूसरे से इनकार करना कर्मचारियों को उच्च पद स्वीकार करने से हतोत्साहित करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनियनों ने बताया कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद यह अंतर और अधिक स्पष्ट हो गया है क्योंकि MACP लाभार्थियों को 6वें CPC के तहत प्रमोशन पर कुछ वेतन वृद्धि मिली थी।
केंद्र सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने फिलहाल दो स्तर पर इस मुद्दे पर काम करने की बात कही है। पहला, असाधारण मामलों में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) जरूरत के आधार पर मामलों की समीक्षा करेगा। दूसरा, भविष्य में MACP के बावजूद प्रमोशन पर स्वतः वेतन वृद्धि देने की नीति पर 8वां वेतन आयोग विचार करेगा। आयोग की अंतिम सिफारिश आने तक इस संबंध में कोई बड़ा नीतिगत बदलाव नहीं होगा।
8वें वेतन आयोग के बारे में
वेतन आयोग हर 10 साल में बदलाव की सिफारिश करने के लिए बनाए जाते हैं। इनके आधार पर केंद्र सरकार और पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनभोगियों की सैलरी में बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता, फिटमेंट फैक्टर, सैलरी स्ट्रक्चर और दूसरे फायदों को अपडेट किया जाता है। पिछले साल गठित वेतन आयोग से उम्मीद है कि वह 2027 के मध्य तक 1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों के लिए अपनी अंतिम सिफारिशें देगा। इन लाभार्थियों में लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी हैं।












